बिहार की राजधानी पटना स्थित गांधी मैदान को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। ऐसा कहा गया है कि मैदान बिल्कुल सुरक्षित है और लोग बेझिझक इस मैदान में आ-जा सकते हैं।
पटना के जिला प्रशासक सरवन कुमार ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि 27 अक्तूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री एवं बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली के दौरान इस मैदान में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे।
इस हादसे में सात लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हुए। तब से यह मैदान आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था। लेकिन अब प्रशासन ने इसे खोल दिया है। सुरक्षा एजेंसी एनएसजी, सीआरपीएफ और बिहार पुलिस के जांच-पड़ताल करने के बाद इसे सुरक्षित घोषित किए जाने पर ही ऐसा किया गया है।
भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने, इसके लिए मैदान पूरी तरह से सुरक्षा एजेंसियों की निगारानी में रहेगा। सुरक्षा अधिकारी सतर्क रहेंगे और समय-समय पर मैदान में सर्च अभियान चलाते रहेंगे।
कभी बांकीपुर लॉन नाम से लोकप्रिय रहे गांधी मैदान में स्वतंत्रता से पहले से ही राष्ट्रीय नेता व मंत्री लोग सार्वजनिक सभाएं करते रहे हैं। वर्ष 1938 में मोहम्मद अली जिन्ना ने यहां मुस्लिम लीग की रैली को संबोधित किया था।
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भी 1954 में यहां एक सार्वजनिक सभा की थी। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने फरवरी, 1977 में यहां एक रैली को संबोधित किया था।