एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

पाक-चीन सीमा पर तनाव, शीतकालीन युद्धाभ्यास को तैयार हो रही भारतीय सेना

मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 17 Nov 2020 12:37 PM IST
विज्ञापन
भारतीय सेना (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

Next Article

नियंत्रण रेखा (एलओसी) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर इस वक्त तनाव बहुत ज्यादा है। एलएसी पर चीन के साथ कई महीनों से चल रही तनातनी के बावजूद अब वहां पर भी हालात बिगड़ने लगे हैं। वहीं एलओसी पर पाकिस्तान अपने नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। लिहाजा दोनों नियंत्रण रेखाओं पर जवानों की ज्यादा तैनाती अभी बरकरार रहेगी। दूसरी ओर, इन इलाकों में सर्दी ने पूरी तरह से दस्तक दे दी है। यही वजह है कि एलओसी व एलएसी पर तैनात जवानों की चुनौतियां भी बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


यहां भारतीय जवान दुश्मनों के साथ-साथ सर्दी के मोर्चे पर भी जूझेंगे। इसी के मद्देनजर जवानों ने अब अपनी विंटर वारफेयर (शीतकालीन युद्ध अभ्यास) की तैयारी शुरू कर दी है। इसके चलते जवानों को बर्फबारी के माहौल में हाई एल्टीट्यूड वारफेयर की खास ट्रेनिंग दी जा रही है। सैन्य जवानों की ये ट्रेनिंग इन्हीं दुर्गम इलाकों में बर्फीली चोटियों पर शुरू हो गई है। 

सैन्य सूत्रों ने बताया कि यहां जवानों को मुख्य रूप से स्कीइंग तकनीक, लांगरेंज स्काई पेट्रोलिंग, र्स्वाइवल ट्रेनिंग, रॉक क्राफ्ट, क्लिफ असॉल्ट, आइस क्राफ्ट ट्रेनिंग, माउंटेन लोर (बर्फीली व खतरनाक चोटियों पर चढ़ना) के साथ-साथ स्की गश्त करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जवानों को बताया जा रहा है कि बर्फबारी जैसे हालात में यदि युद्ध जैसी आपात स्थिति होती है तो किस तरह उन्हें दुश्मनों से लोहा लेना है। 

विज्ञापन

विंटर वारफेयर प्रशिक्षण में एक अहम कड़ी स्की गश्त मानी जाती है। बर्फबारी के बाद इन इलाकों में पैदल गश्त बंद हो जाती है। दुश्मन हमेशा इसी बात का बड़ा फायदा उठाने की फिराक में रहते है। इसी को ध्यान में रखते हुए जवानों को बर्फ पर स्की के साथ गश्त करने का खास प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

सूत्रों ने बताया कि बर्फीली चोटियों पर रस्सियों के सहारे चढ़ना भी इस प्रशिक्षण का सबसे अहम हिस्सा होता है। इसके अलावा यहां जवानों को बर्फ पर दौड़ने वाले वाहन चलाने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सेना के एक अधिकारी के अनुसार विंटर वारफेयर का यह प्रशिक्षण जवानों में आत्मविश्वास और सहनशक्ति पैदा करता है। जवानों का यह प्रशिक्षण भले ही कठिन होता है लेकिन इसमें निपुण जवान हिमालय की सीमाओं को प्रभावी ढंग से संरक्षित करने में कामयाब रहते हैं।

इन्हीं दिनों होती है घुसपैठ की ज्यादा कोशिश
यही मौसम है जब एलओसी पर घुसपैठ की ज्यादा कोशिश की जाती है। पाक समर्थित आतंकी इन दिनों बर्फबारी की आड़ में दहशत फैलाने के इरादे से भारतीय सीमा में दाखिल होने की फिराक में रहते हैं। ऐसे में भारतीय जवानों की नियंत्रण रेखा की निगहबानी की जिम्मेदारी और बड़ी हो जाती है। इसके साथ-साथ इन्हीं दिनों पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन भी खूब करता है। भारतीय सेना भी पाक की हरकत का माकूल जवाब दे रही है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें