अब शहर में तापमान के उतार चढ़ाव के कारण कोल्ड फ्लू और सीजनल इंफेक्शन होने लगा है। पोषण विशेषज्ञ के अनुसार इसका कारण है प्रतिरक्षी क्षमता का कम होना है।
सर्दी एवं फ्लू की शिकायत तापमान में गिरावट के इन महीनों में और सर्दी के महीनों में देखी जाती है। कुल आबादी का 10 से 20 फीसदी हिस्सा साल के इस समय बीमार पड़ जाता है।
गवर्नमेंट मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल चंडीगढ़ की चीफ डायटीशियन, डा. मधु गुप्ता सर्दी और लू के लक्षण इस बात का संकेत हैं कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस से लड़ने के लिए काम कर रही है।
कनाडा मेडिकल एसोसिएशन की जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन 10 से 15 ग्राम जिंक सप्लीमेंट का सेवन करने से कोल्ड और लू की दरों में कमी लाई जा सकती है।
इस आहार में साबुत अनाज, लीन प्रोटीन, लो-फैट डेरी उत्पादों का सेवन करने से, पर्याप्त नींद एवं उपयुक्त व्यायाम से तथा तनाव से दूर रह कर प्रतिरक्षी क्षमता में सुधार लाया जा सकता है। इससे कोल्ड और फ्लू से जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है।
पोषण की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मैक्स हास्पिटल मोहाली की सीनियर क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉश़वानी गुलाटी ने कहा कि अच्छा पोषण शरीर की प्रतिरक्षी क्षमता को मजबूत बनाने तथा संक्रमणों की अवधि एवं गंभीरता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डेली हेल्थ सप्लीमेंट इसका एक आसान और अच्छा तरीका है। डॉ. गुलाटी के अनुसार विटामिन सी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए सबसे महत्वपूर्ण विटामिनों में से एक है, यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर बीमारियों से लड़ने के लिए हमें तैयार करता है। जामुन, ब्रॉक्ली, फूलगोभी, किवी, आम, संतरा और पपीता विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं।