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राजाजी पार्क प्रशासन ने संविदाकर्मियों को नौकरी से हटाया

Updated Sun, 22 Apr 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला।
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राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने बजट की कमी के कारण संविदा पर रखे छह कर्मियों को नौकरी से हटा दिया है। ऐसे में सीमा से सटी ग्रामसभा हरिपुरकलां की सुरक्षा अब भगवान भरोसे है। हरिपुरकलां में जंगली जानवरों के लगातार आबादी में घुसकर उत्पात मचाने से आक्रोशित ग्रामीणों के दबाव में विभाग की ओर से छह स्थानीय युवकों को संविदा के तौर पर रात्रि गश्त पर लगाया गया था। रिजर्व पार्क प्रशासन बीते जनवरी माह से तैनात युवकों को अब तक वेतन का भुगतान भी नहीं कर पाया है। आगे भी वेतन दिलाने में असमर्थता जतातेे हुए पार्क प्रशासन ने इन युवकों को रात्रि गश्त से हटा दिया है।
विभाग की ओर से यहां परमानेंट स्टाफ की कमी के चलते संविदा कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया था। रेंज अधिकारी की मानें तो लगातार आबादी क्षेत्र में हाथी के घुसने और चारदीवारी तोड़ने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए गांव के स्थानीय युवकों को रात की गश्त पर रखा गया था, जिसके बाद से इस तरह की शिकायतों पर अंकुश लग गया था। विभाग बजट की कमी से जूझ रहा है, जिसके चलते संविदा में रखे गए युवकों को अप्रैल माह की शुरुआत से हटा दिया गया है। उधर रात की गश्त पर तैनात युवकों को हटाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश बना हुआ है। उनका आरोप है कि सुरक्षा को लेकर पार्क प्रशासन द्वारा किए गए किसी भी वायदे पर अमल नहीं किया गया है।
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यहां भी है संविदाकर्मियों की तैनाती
रायवाला। हरिपुरकलां के अलावा खांडगांव में दो, प्रतीतनगर में दो, गौहरीमाफी में दो, नेपाली फार्म तिराहे पर तीन और साहबनगर में चार स्थानीय युवकों को संविदा पर रखा गया है। इनसे फिलहाल सेवाएं ली जा रही हैं।

क्या कहते हैं पीड़ित ग्रामीण
गांव के राजाजी की सीमा से सटे होने के चलते आए दिन गुलदार और हाथियों का आतंक बना हुआ है। आबादी क्षेत्र में जंगली जानवरों के घुसने से दहशतजदा ग्रामीणों को संविदा कर्मियों के कारण राहत मिली थी, मगर उन्हें अचानक हटाने से एक बार फिर से जानमाल का खतरा बढ़ गया है।
-- विक्रम सिंह रावत, ग्रामीण हरिपुरकलां

तीन महीने पहले राजाजी टाईगर रिजर्व के निदेशक ने स्वयं गांव में आकर पीड़ित ग्रामीणों को सामने नियमित गश्त, पथ प्रकाश व्यवस्था, ऊर्जा बाड़ लगाने का भरोसा दिया था, मगर इनमें से किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टे अब संविदा पर तैनात युवकों को भी हटा दिया गया है। जल्द ग्रामीणों को दिए गए भरोसे पर पार्क प्रशासन ने अमल नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।
-- सत्येंद्र धमांदा, ग्राम प्रधान हरिपुरकलां।
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