गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) प्रबंधन की ओर से जारी जबरन सीआरएस (अनिवार्य सेवानिवृत्ति) के आदेश पर बृहस्पतिवार को निगम कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने निगम प्रबंधन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने गेट मीटिंग कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। चेताया कि शीघ्र आदेश को वापस नहीं लिया गया, तो उग्र आंदोलन करेंगे।
महासंघ के उपाध्यक्ष मनमोहन चौधरी ने बताया कि जीएमवीएन के पर्यटक आवास गृह, गैस एजेंसी और फैक्ट्री के 23 कर्मचारियों को बिना उनके सेवाकाल का परीक्षण किए सीआरएस दे दिया गया है। जबकि उक्त कर्मचारियों को नियमित हुए महज चार वर्ष ही हुए थे। आरोप लगाया कि राज्य सरकार व प्रबंधन में बैठे कुछ अधिकारी निगम को बंद करने की साजिश रच रहे हैं। चेताया कि कर्मचारियों के सीआरएस के आदेश को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो कर्मचारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों में रायचंद सिंह, कमल सिंह, परिवन चोपड़ा, मनमोहन सिंह पंवार, रणवीर रावत, सुरेंद्र भंडारी, होशियार सिंह, मेघनाथ, पुरुषोत्तम बंदोलिया, संदीप मेवाड़, ध्यान सिंह नेगी, अरविंद उनियाल, कमला देवी, चंपा देवी, सोहन सिंह सजवाण, अनुसूया प्रसाद चमोली, ओमप्रकाश, सूर्यप्रकाश विश्वास, चमन सिंह, राजपाल कंडारी, भास्कर, शूरवीर रमोला, बिमला तोपवाल, नरेंद्र नौटियाल, अंकित, शिव सिंह, बिमल पांडे, भूपेंद्र सिंह, खिमा देवी, रवि कुमार आदि शामिल थे।