उत्तराखंड में ऊर्जा के तीनों निगमों (यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पीटीसीयूएल) के कर्मचारियों ने निगम प्रबंधनों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए ऊर्जा मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
सत्याग्रह आंदोलन का नोटिस दिया
निदेशक मानव संसाधन को सात जुलाई से सत्याग्रह आंदोलन का नोटिस दिया गया। सोमवार सुबह ऊर्जा आफिसर्स सुपरवाइजर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन से जुड़े निगम कर्मी ऊर्जा भवन पर एकत्र हुए।
एसोसिएशन ने मांगों का निस्तारण न होने पर नाराजगी जताई। ऊर्जा निगम के निदेशक मानव संसाधन शरद कृष्ण से मिले प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि डाटा एंट्री आपरेटरों की ग्रेड पे और एसीपी गुपचुप बढ़ाने वाले अफसरों पर कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा रिक्त पदों पर पदोन्नति, सीधी भर्ती से नियुक्ति, कुंभ घोटाले में दोषी अफसरों पर एफआईआर की मांग की गई। बाद में पिटकुल प्रबंध निदेशक (एमडी) एसएस यादव ने सभी कर्मियों को एक इंक्रीमेंट देने का आश्वासन दिया।
बाद में प्रदर्शनकारी उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड के अफसरों से भी मिले। प्रदर्शन में एसोसिएशन के अध्यक्ष पीसी ध्यानी, डीसी गुरुरानी, चंद्र सिंह रावत, सीआर पुरोहित, दीपक शैली, लक्ष्मण मराठा, दीपक शैली, गीता भट्ट, ममता आदि शामिल रहे।
आंदोलन का कार्यक्रम
सात जुलाई: हाथों में काले फीते बांधकर सत्याग्रह शुरू
आठ से दस जुलाई: तीनों निगमों के अफसरों को गुलाब भेंट करेंगे
11 से बीस जुलाई: मंत्रियों, विधायकों को गुलाब भेंट किए जाएंगे
21 जुलाई: ऊर्जा भवन पर हवन का आयोजन
22 जुलाई से तीन अगस्त: हर रोज एक घंटे अतिरिक्त काम किया जाएगा
चार अगस्त: ऊर्जा भवन पर रामधुन के साथ सत्याग्रह
पांच से 10 अगस्त: हर दिन एक घंटे अतिरिक्त कार्य
11 से 18 अगस्त: ऊर्जा भवन पर क्रमिक अनशन
19 अगस्त से: अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू