तीन साल का मासूम बोतल में रखे कीटनाशक को कोल्ड ड्रिंक समझकर पी गया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
बदायूं (यूपी) के कस्बा उसावा निवासी दुकानदार जयप्रकाश गुप्ता का बेटा मास्टर आर्यन करीब एक महीने पहले कांवली (देहरादून) अपने ननिहाल आया था। पुलिस के मुताबिक, आर्यन के नाना रामदास गुप्ता ने रविवार शाम उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई थी।
रविवार देर शाम आर्यन खेलते-खेलते किचन में पहुंचा और वहां शीशी में रखा कीटनाशक (न्यूवान) पी लिया। परिजनों का कहना है कि आर्यन ने इसे कोल्ड ड्रिंक समझ लिया था। कुछ ही देर बाद आर्यन रोने-चिल्लाने लगा।
कुछ देर तो घरवालों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन कीटनाशक की शीशी देख उनके होश उड़ गए। आर्यन को महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविवार रात उपचार के दौरान आर्यन की मौत हो गई।
सूचना मिलने पर वसंत विहार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। आर्यन के घरवाले भी दून पहुंचे। परिजनों ने जिलाधिकारी ने पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध किया, लेकिन डीएम ने इसकी अनुमति नहीं दी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सौंप दिया।
जरा सी चूक बन गई जानलेवा
‘कृपया इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखें’ यह हिदायत घर में प्रयोग होने वाले हर कीटनाशक पर होती है, लेकिन अक्सर इस पर कोई ध्यान नहीं देता। इसी जरा सी चूक ने आर्यन की जान ले ली।
कीटनाशक के अलावा घर में ऐसी तमाम चीजें हैं जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। अच्छे-बुरे से अनजान बच्चे तो खेल-खेल में कुछ भी कर सकते हैं...यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए। खासकर पांच साल से छोटे बच्चों की हर गतिविधि पर परिजनों को नजर रखनी चाहिए।
पुलिस के मुताबिक, आर्यन ने गलती से न्यूवान पी लिया था। दून अस्पताल के वरिष्ठ फीजिशियन डॉ. एसडी जोशी ने बताया कि न्यूवान पीने पर मुंह से झाग निकलना और सांस फूलने लगती है। खाली पेट सेवन से पांच मिनट में न्यूवान असर दिखाना शुरू कर देता है।
अगर खाना खाया हुआ है तो आधा घंटे बाद पूरी तरह से असर शुरू हो जाता है। मरीज को गाढ़े नमक का घोल पिलाकर उल्टी कराएं और तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। दवाओं से इसका असर खत्म किया जा सकता है।