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21 हजार उपनलकर्मियों का मानदेय 20 फीसदी बढ़ाया, जानिए कैबिनेट के अहम फैसले

न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 27 Apr 2018 12:27 AM IST
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प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के माध्यम से विभागों, संस्थानों, निगमों, स्थानीय निकायों एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं और केंद्रीय प्रतिष्ठानों में आउटसोर्स पर तैनात 21041 कर्मचारियों के मानदेय में 20 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

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मंत्रिमंडल ने उच्च कुशल, कुशल, अर्द्ध कुशल और अकुशल श्रेणी के सभी आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में एक  समान 1500 रुपये का इजाफा किया है। सरकार के इस फैसले से राजकोष पर 51.78 करोड़ रुपये का सालाना व्यय भार आएगा। बैठक में प्रस्ताव न होने के बावजूद मंत्रिमंडल ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के दैनिक वेतन में भी 50 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इसके साथ ही प्रदेश के न्यायिक अधिकारियों के वेतन में भी 30 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उनके आवास पर हुई बैठक में 12 प्रमुख बिंदुओं पर निर्णय लिए गए। बैठक के बाद शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने राज्य सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस ब्रीफिंग की। उन्होंने बताया कि मानदेय बढ़ोतरी के फैसले से शासकीय विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में लगे 18,371 और केंद्रीय प्रतिष्ठान में नियोजित 2677 आउटसोर्स कार्मिकों को फायदा होगा।

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उपनल कर्मियों की मानदेय वृद्धि

trivendra singh rawat
उपनल कर्मियों की मानदेय वृद्धि
श्रेणी    -        वर्तमान     वृद्धि के बाद (रुपये में)
अकुशल-        5608        -    6796
अर्द्ध कुशल-    6655        -    7958
कुशल    -        7540        -    8939     
उच्च कुशल -    8540        -    10,048
नोट : मानदेय में सर्विस टैक्स की कटौती शामिल है।

सत्रावसान के प्रस्ताव को मंजूरी
कैबिनेट ने चतुर्थ विधानसभा के प्रथम सत्र के सत्रावसान के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सत्र 20 मार्च से 26 मार्च तक भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में हुआ था।

पिरूल नीति मंजूर, 100 मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य  
कैबिनेट ने चीड़ के पत्तों से बिजली और अन्य उत्पाद बनाने की ऊर्जा विभाग की पिरूल नीति को मंजूरी दे दी है। नीति के तहत जन सहभागिता से वर्ष 2030 तक 100 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। 2019 के लिए एक मेगावाट व 2021 के लिए पांच मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य है। नीति में सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। पिरूल कारोबार को उद्योग का दर्जा मिलेगा और इसको सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के तहत दी जाने वाली सभी सुविधाएं दी जाएंगी। प्रदेश में चार लाख हेक्टेयर क्षेत्र में चीड़ के वन हैं, जो कुल वन का 16.36 प्रतिशत है। इसकी पत्तियों से सालाना 150 मेगावाट बिजली बनाई जा सकती है।
 

कैबिनेट के अन्य फैसले

trivendra singh rawat
- 318 न्यायिक अधिकारियों के बेसिक वेतन में 30 फीसदी की बढ़ोतरी, राष्ट्रीय न्याय वेतन आयोग की संस्तुतियों की प्रत्याशा में कैबिनेट ने की अनंतिम वृद्धि।  
- यूपी को हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में 2964 वर्ग मीटर भूमि देने का फैसला, होगा होटल का निर्माण।
- उत्तराखंड बहुउद्देश्यीय वित्त विकास निगम के 53 नियमित कर्मियों को सातवां वेतन मंजूर।

- केदारनाथ धाम में तीन पुरोहितों के भवन ध्वस्त होंगे, जिंदल ग्रुप करेगा नए भवनों का निर्माण।
- सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योगों को वैट की तर्ज पर एसजीएसटी में भी मिलती रहेगी छूट।
- सहकारिता विभाग में दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना प्रभावी होने के बाद सहकारिता सहभागिता योजना समाप्त।

- कैबिनेट ने नगर निकायों के स्वामित्व वाली 12 फीट चौड़ी और 500 मीटर से एक किमी लंबी सड़कों के निर्माण का काम लोनिवि को देने का निर्णय लिया। लेकिन, इसके लिए विभाग और निकायों के मध्य एमओयू होगा।
- जिला आपदा परिचालन केंद्र में 26 ट्रेनर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में मर्ज नहीं होंगे। भविष्य में कभी प्राधिकरण में पद भरे गए तो उन्हें अधिमान दिया जाएगा।
- समेकित बाल संरक्षण योजना व महिला कल्याण को समाज कल्याण में रखने के प्रस्ताव पर अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी निर्णय करेगी।
 
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