डेढ़ करोड़ की योजना से होगी नियमित सफाई
दो साल तक निजी एजेंसी संभालेगी रखरखाव
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ के वार्ड-42 में लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या झेल रहे लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम ने इलाके की सीवर व्यवस्था सुधारने के लिए निजी एजेंसी के जरिए नियमित रखरखाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना के तहत अगले दो वर्षों तक एजेंसी क्षेत्र की सीवर लाइनों की निगरानी और सफाई का जिम्मा संभालेगी।
वार्ड के कई इलाकों में सीवर जाम होने से गलियों में गंदा पानी जमा रहने की समस्या लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात ऐसे हैं कि कई बार पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। बच्चों की स्कूल ड्रेस गंदे पानी में खराब हो जाती है, वहीं फिसलकर गिरने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब सीवर का पानी कई घरों तक पहुंच जाता है।
अब शिकायत का इंतजार नहीं, तय समय पर होगी सफाई
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था के तहत अब केवल शिकायत मिलने पर ही सफाई नहीं होगी, बल्कि तय अंतराल पर नियमित निगरानी और सफाई अभियान चलाया जाएगा। योजना में सीवर लाइनों से मिट्टी और गाद निकालने, जाम की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत जैसे कार्य शामिल किए गए हैं।
आधुनिक मशीनों से तेज होगी कार्रवाई
सीवर सफाई कार्य में सक्शन-जेटिंग मशीन, ट्रैक्टर माउंटेड मशीन और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि मशीन आधारित सफाई से कम समय में अधिक प्रभावी तरीके से काम हो सकेगा और सीवर जाम की घटनाओं में कमी आएगी। इससे निकासी व्यवस्था भी पहले के मुकाबले अधिक व्यवस्थित रहने की उम्मीद है।
गंदगी से बढ़ रहा बीमारियों का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी सीवर ओवरफ्लो को गंभीर स्वास्थ्य खतरा बताया है। एशियन अस्पताल के वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अमित मिगलानी के अनुसार गंदा पानी जमा रहने से डेंगू, मलेरिया और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गर्मियों में डायरिया के मामलों में तेजी देखी जाती है, इसलिए समय पर सफाई और बेहतर निकासी व्यवस्था बेहद जरूरी है।
अगले महीने से शुरू हो सकता है काम
नगर निगम के कार्यकारी अभियंता डालचंद ने बताया कि निजी एजेंसी से सीवर रखरखाव कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। संभावना है कि अगले महीने से एजेंसी काम शुरू कर देगी। नई व्यवस्था में शिकायतों के त्वरित समाधान और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके।