साइबर सिटी की ऊंची इमारतें कभी भी बड़ा हादसे को दावत दे सकती हैं। इसे देखते हुए हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) ने हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के प्रमुखों को पत्र लिखकर सभी इमारतों में सुरक्षा के सभी इंतजाम करने के साथ भवन निर्माण व अग्नि सुरक्षा आडिट कराने के लिए पत्र लिखा है।
पत्र में विभिन्न सर्वे रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि साइबर सिटी समेत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के शहर भूकंप संभावित जोन चार में आते हैं। ऐसे में यहां बनी इमारतों का सर्वे कर सुरक्षा के इंतजाम करना बेहद जरुरी है।
हिपा के महानिदेशक एसपी गुप्ता ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, स्थानीय स्वशासन निकाय, नगर योजनाकार विभाग के प्रमुखों को लिखे पत्र में कहा कि प्रदेश का अधिकांश हिस्सा एनसीआर में है। यहां पर बहुमंजिला इमारतों की भरमार है। खास तौर से गुडग़ांव व फरीदाबाद।
इस क्षेत्र के निकट दिल्ली-हरिद्वार, दिल्ली-मुरादाबाद, सोहना क्षेत्र, मथुरा क्षेत्र के भू-गर्भ में कई तरह के दोष हैं जिस कारण यहां कम तीव्रता के साथ अधिक तीव्रता के साथ भूकंप आने का खतरा बना रहता है। राइटस की 1996 की रिपोर्ट में 7.5 से लेकर 8 तीव्रता तक के भूंकप की आशंका जाहिर की गई है।
हिपा महानिदेशक एसपी गुप्ता ने बताया कि सभी इमारतों में नेशनल बिल्डिंग बाइलाज को लागू कराना जरूरी है। यहां के बिल्डिंग को प्राकृतिक व मानवीय आपदा से बचाने के लिए हिपा का आपदा प्रबंधन विभाग सुझाव, प्रशिक्षण व कंसलटेंसी देने लिए तैयार है। जिससे की इमारतों को किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में सुरक्षित बनाया जा सके।