अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2020 11:12 AM IST
एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) चौरी-चौरा के डुमरी खास गांव को गोद लेगा। इसके बाद से गांव की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा। गांव में क्लीनिक का संचालन एम्स की ओर से किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को बीमारियों के प्रति जागरूक करेंगे।
इसे लेकर एम्स ने डुमरी खास गांव का निरीक्षण भी किया है। कम्युनिटी मेडिसिन के एचओडी हरिशंकर जोशी ने बताया कि सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन विभाग की टीम दो बार गांव का निरीक्षण कर चुकी है। टीम ने गांव की आबादी, स्वास्थ्य सुविधाएं और बीमारियों की पूरी जानकारी हासिल की है।
बताया कि गांव की आबादी 17 हजार है। गांव में न्यू पीएचसी है। बताया कि गांव में संक्रामक बीमारियां फैलती रहती है। इसकी वजह से इस गांव को गोद लेने का फैसला लिया गया है। बताया कि इसे लेकर सीएमओ को पत्राचार भी किया गया है। कोरोना की वजह से थोड़ी देरी हो रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ओम शिव मणि त्रिपाठी ने बताया कि गांव में वायरल और बैक्टीरियल बीमारियां फैलती रहती है।
हर डॉक्टर गोद लेगा दो परिवार एम्स की निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि एम्स डुमरी खास का विकास करते हुए उनकी स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ख्याल रखेगा। एम्स का हर डॉक्टर और एमबीबीएस छात्र गांव के दो-दो परिवार को गोद लेगा।
इन डॉक्टरों के पास परिवार के सदस्यों के सेहत का पूरा रिकॉर्ड होगा। गांव में मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने में भी मदद की जाएगी। नई बीमारियों से बचाव के टिप्स एम्स के डॉक्टर समय-समय पर देते रहेंगे।