गुड़गांव। दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप की घटना के बाद रोडवेज भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर संजीदा हो गया है। रोडवेज प्र्रबंधन ने बसों में महिलाओं के साथ बदसलूकी रोकने के लिए चालक-परिचालकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब मनचलों को चालक-परिचालक सबक सिखाएंगे। मुख्य जिम्मेदारी परिचालक को दी गई है। बस की पूरी स्थिति पर परिचालक नजर रखेगा। परिचालक महिला के आसपास खड़े या बैठे लोगों की हरकतों और हाव-भाव पर विशेष नजर रखेगा।
क्या हैं निर्देश
-अगर किसी महिला के साथ कोई मनचला अभद्रता कर रहा है तो बगैर किसी भनक के परिचालक और चालक बस को सीधे नजदीकी पुलिस चौकी-थाने या रास्ते में पीसीआर वैन के पास रोककर उसकी हरकत के बारे में बताएगा
-अगर कोई महिला शिकायत नहीं भी करती है तो भी चालक-परिचालक के बयान पर ही पुलिस मामला दर्ज करेगी
-महिला की पहचान चालक-परिचालक केवल पुलिस को ही बताएंगे। उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी
-बस के पीछे लटकने या पायदान पर खड़े होकर सफर करने वालों की शिकायत रोडवेज के विशेष दस्ते से की जाएगी। अकसर दरवाजे से चढ़ते-उतरते समय भी महिलाएं बदसलूकी की शिकार होती हैं
-बस में हर हाल में महिला के लिए सीट उपलब्ध कराई जाएगी
-चालक भी बस में लगे शीशे से सभी की हरकत पर नजर रखेगा
चालक-परिचालक को दिया जाएगा प्रशिक्षण
रोडवेज विभाग के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि चालक-परिचालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान हाव-भाव से लेकर मनोदशा जानने के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके लिए सभी डिपो में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। मनोवैज्ञानिकों की मदद से प्रशिक्षण दिया जाएगा।