गुड़गांव। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से शुक्रवार को शहर में मौसम का मिजाज दिनभर बदलता रहा। सुबह जहां बादल छाए रहे, वहीं दोपहर को कुछ समय के लिए धूप भी निकली। दोपहर बाद बूंदाबांदी हुई, जिससे न्यूनतम तापमान फिर से नीचे लुढ़क गया।
मौसम विभाग के अनुसार, जिले में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 28.2 और न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले एक सप्ताह में यह पहला मौका था, जब न्यूनतम तापमान दोबारा से दस डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान में आई गिरावट ने लोगों को दोबारा से स्वेटर पहनने के लिए मजबूर कर दिया। सुबह से ही सर्द हवा भी चलती रही, जिस कारण सर्दी ज्यादा महसूस हुई। हालांकि हल्की बारिश होने से जनजीवन पर ज्यादा असर नहीं दिखाई दिया, लेकिन बारिश तेज हुई तो जलभराव और जाम जैसी समस्याओं से भी जूझना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को कोहरा छाने के भी आसार हैं।
फसलों को होगा नुकसान
हालांकि, बूंदाबांदी को गेहूं की फसल के लिए वरदान बताया जा रहा है, लेकिन बारिश तेज हुई तो सरसों, टमाटर, बैंगन आदि की फसल को नुकसान भी हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक ओम प्रकाश ने बताया कि चार फरवरी से छह फरवरी तक हुई बारिश से भी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। तावडू खंड में सबसे ज्यादा 100 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि अगर बारिश ज्यादा हुई तो पत्तों वाली फसलों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा बना रहेगा।
किसानों को दी सलाह
- गेहूं की फसल के लिए 17 फरवरी तक सिंचाई रोक लेने की सलाह दी गई है
- बरसात के मौसम में सरसों, चने और अन्य फसलों पर दवा का छिड़काव न करें
- बसंतकालीन गन्ने की फसल की बिजाई के लिए प्रति एकड़ 20 से 30 गाड़ी गोबर की खाद डालकर उसकी चार से पांच बार जुताई व बिजाई करें
- बसंतकालीन टमाटर व मिर्च की पौध की खेत में रोपाई करें। प्याज व लहसुन की फसलों की आवश्यकतानुसार निराई व गुड़ाई करे