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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति किरमारा गुट ने दिया धरना

Updated Sat, 25 Nov 2017 12:59 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति अध्यक्ष मंडल के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हमारी मांगों को 30 नवंबर तक पूरी करें। मांगें नहीं मानी तो सोनीपत में धरना देकर अगले आंदोलन की घोषणा करेंगे।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति अध्यक्ष मंडल के सदस्य कृष्ण किरमारा, बलजीत सिंह पुठठी, रामफल रामायण, दिलबाग देपल, झाबर सिंह, विरेंद्र पूनिया, जींद जिला के प्रधान वीरभान ढुल, कैथल से प्रधान जोगेंद्र सिंह, भरत सिंह बैनीवाल सहित अन्य लोग धरने पर बैठे। धरना दे रहे सदस्यों ने कहा कि रोहतक की यशपाल मलिक और जींद में कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी की रैलियों को रद्द किया जाए। यह दोनों लोग समाज को तोड़ने के लिए रैली कर रहे हैं। इस पर सरकार की ओर से रोक लगाई जाए।
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कृष्ण किरमारा ने कहा कि फरवरी 2016 और गत आंदोलनों में युवाओं के खिलाफ दर्ज केस रद्द किए जाएं। जेलों में बंद आंदोलनकारियों को बिना शर्त रिहा किया जाए। बीसी सी और ईबीपी नीति जाटों के साथ केवल धोखा था, इसलिए जाट समाज को बीसी-बी में आरक्षण का लाभ दिया जाए। पूर्व सैनिकों से छीना गया पांच फीसदी आरक्षण कोटा श्रेणी क और ख फिर बहाल किया जाए। उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार रामसिंह बनाम भारत सरकार के अनुरूप सभी पिछड़ी जातियों को बीसी सी के माध्यम पूर्ण सर्वेक्षण किया जाए। यशपाल मलिक द्वारा देश-विदेश से चंदे में एकत्रित की गई राशि की प्रवर्तन निदेशालय से जांच करवाई जाए। जातीय झगड़ा फैलाने वाले सांसद राजकुमार सैनी के खिलाफ संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने और समाज को भड़काने के आरोपों के तहत उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने एडीसी एएस मान को अपना मांगपत्र सौंपा।
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