एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

सब्जियों पर पड़ी डीजल की मार

Hisar Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

जींद। यूपीए सरकार द्वारा डीजल के दाम में पांच रुपये तथा गैस सिलेंडरों को महंगा करने के फैसले ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। सरकार के इन फैसलों की मार मजदूर वर्ग पर सबसे ज्यादा पड़ी है। बढ़ोतरी के शीघ्र बाद ही खाद्य पदार्थों के दामों में भी पांच से 10 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से वृद्धि हो गई है। सरकार के इस निर्णय से जहां फल और सब्जियों के दाम बढ़े हैं वहीं अन्य खाद्य पदार्थों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। ट्रांसपोर्टरों ने भी पांच रुपये प्रति लीटर के हिसाब से डीजल के भाव में हुई बढ़ोतरी के बाद किराया में वृद्धि कर दी है। जिससे गृहणियाें का बजट बिगड़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाऊसिंग बोर्ड निवासी रिंपी, पटियाला चौक निवासी रानी ने बताया कि सरकार ने जैसे ही डीजल तथा गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि की है वैसे ही इसका असर सब्जियों पर दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दाम तो बढ़ा दिए गए हैं लेकिन आम आदमी तथा मध्यम वर्ग का कोई ध्यान नहीं रखा गया है। पहले ही महंगाई से घर का बजट बिगड़ा हुआ था। लेकिन अब खाद्य पदार्थों के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में जिस परिवार की आमदनी पांच से सात हजार रुपये के बीच हो तो उसका गुजारा मुश्किल है। व्यवसायी चमनलाल ने बताया कि जिलों में अधिकतर सब्जियां तथा फल बाहर से आते हैं। डीजल के दाम बढ़ने के साथ ही ट्रक ऑपरेटरों ने किराया बढ़ा दिया है। जिससे सब्जियों तथा फलों के दाम बढ़ना लाजमी है।
दाम
वस्तु पहले अब
नींबू 80 100
फूलगोभी 10 15
तोरी 35 45
मूली 15 25
करेला 28 40
टमाटर 25 30
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें