ओढ़ां (सिरसा)। जवाहर नवोदय विद्यालय ओढ़ां में रविवार रात 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों द्वारा दसवीं के छात्रों की रैगिंग किए जाने पर 37 विद्यार्थी डरकर रात करीब दसे बजे छात्रावास से भाग गए और गांव की गलियों से होते हुए अनाजमंडी में जाकर छिप गए। छात्रावास से विद्यार्थियों के भागने की खबर लगते ही विद्यालय प्रशासन सक्रिय हुआ और विद्यार्थियों की तलाश शुरू की गई। देर रात भयभीत छात्र अनाजमंडी में मिले। सोमवार को अभिभावकों ने विद्यालय पहुंचकर हंगामा किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। विद्यालय के प्रिंसिपल ने इस मामले में नौ आरोपी छात्रों को 15 दिन के लिए विद्यालय से निष्कासित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रावास में रह रहे दसवीं कक्षा के 37 विद्यार्थी रविवार रात छात्रावास से उस समय भाग गए जब 12वीं के कुछ छात्रों ने उन्हें रैगिंग के नाम पर परेशान करना शुरू किया। छात्रावास से भागे विद्यार्थियों की तलाश में पुलिस और विद्यालय प्रशासन देर रात तक गांव की गलियों में खाक झानते रहे। आखिरकार पुलिस को सभी छात्र ओढ़ां की नई अनाज मंडी में मिले। सभी छात्र बुरी तरह डरे हुए थे। थाना प्रभारी उन्हें समझा बुझाकर थाने ले आए और विद्यालय के प्रिंसीपल को भी वहां बुला लिया। रात करीब 11 बजे मौके पर पहुंचे पत्रकारों को छात्रों ने बताया कि विद्यालय में बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी दादागिरी दिखाते हैं और उनसे रैगिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को एक छात्र दयाराम घर से आया था। उसे बारहवीं के छात्र विनोद, प्रिंस, विजय, विक्रम आदि ने धमकाया और उस पर ठंडे पानी की बाल्टी डालकर मारपीट की। छात्रों ने बताया कि वे स्कूल में सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे और शिकायत करने पर प्रिंसिपल कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। थाना प्रभारी दलजीत सिंह ने प्रिंसीपल को साथ लेकर सभी छात्रों को समझाने के बाद रात करीब दो बजे छात्रावास पहुंचाया। इस दौरान कुछ छात्रों ने रात में ही अपने अभिभावकों को फोन करके बुला लिया। सोमवार दोपहर तक प्रभावित छात्रों के अभिभावक स्कूल पहुंच गए और प्रिंसिपल से बातचीत की।
इस बीच, प्रिंसिपल डॉ. जीके मिश्रा से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने विद्यालय में रैगिंग की घटना से इंकार करते हुए पूरे मामले को छात्रों का आपसी झगड़ा बताया। उन्होंने दावा किया कि वे रात को स्वयं विद्यालय परिसर में टहल रहे थे और उन्हें छात्रों के बीच झगड़े की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि इससे पहले कि वे गेट पर आते छात्र बाहर जा चुके थे। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों पर रैगिंग का आरोप है, वे छात्र पहले भी विवाद में रहे हैं और उन्हें पहले भी चेतावनी देकर छोड़ा गया था। लेकिन अब व्यवस्था को देखते हुए दसवीं के छात्र महावीर, विकास, आकाश, राजकुमार व नसीब और कक्षा बारहवीं के विनोद, विक्रम, विजय और प्रिंस को निलंबित करते हुए 15 दिन के लिए स्कूल से निष्कािसत कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब आठ सितंबर को अभिभावकों के साथ बैठक में इस पर विचार विमर्श किया जाएगा।