इंद्री। गांव सांतडी में पंचायती जमीन पर कब्जे का मामला फिर से गरमा गया है। जिस जमीन से प्रशासन ने कब्जा हटाया था उसी पर गांव के एक पक्ष ने धार्मिक झंडा गाड़कर कब्जा कर लिया। गांव की गोचरांद की भूमि पर कब्जे की शिकायत पंचायत ने बीडीपीओ कार्यालय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को की थी। प्रशासन ने इस मामले में 30 मार्च को कार्रवाई कर पुलिस के सहयोग से बीडीपीओ की अध्यक्षता में जमीन खाली कराई थी। करीब 20 दिन बाद दलित समाज के लोगों विवादित जगह पर दोबारा झंडा गाड़कर कब्जा कर लिया। साथ ही किसी भी कीमत पर जगह खाली नही करने का ऐलान भी कर दिया। महिला नेता सरिता, अनिल, रविदास जागृति मंच जुंडला से राजपाल भोला, बीएसपी पूर्व प्रदेश सचिव रणबीर पाल खूखनी, जोगिंदर कलरी जागीर और बीएसपी नेता राजेंदर सिंह ने भी ग्रामीणों के एक पक्ष का साथ दिया। इस मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस पक्ष के लोगों का आरोप है कि उनके साथ ग्राम पंचायत भेदभाव कर रही है। सिर्फ 5-7 परिवारों से ही कब्जा छुड़ाया जा रहा है जबकि जिन दबंगों ने इस जमीन पर कब्जे किए हैं उन्हें कब्जा हटाने के आदेश नहीं देते। विवादित जमीन पर दोबारा कब्जे को लेकर प्रशासन फिर से अलर्ट हो गया है। बीडीपीओ कार्यालय से सचिव बलकार पूनिया ने मामले की जानकारी ली।
काफी समय से चल रहा है विवाद
गांव सांतड़ी का यह जमीनी विवाद काफी समय से चल रहा है। इस मामले मे गांव के दो गुट आमने-सामने हैं। इस मामले में 30 मार्च को ग्राम पंचायत ने पुलिस की मदद से अवैध कब्जे की जमीन के कुछ हिस्से को खाली करवाया था। उस समय कब्जा हटा रही जेसीबी मशीन के आगे ग्रामीण लेट गए थे और कार्रवाई के दौरान तीन महिलाओं सहित पांच लोग बेहोश हो गए थे। पंचायत का तर्क था कि अवैध कब्जाधारियों को कब्जा छोड़ने के लिए नोटिस दिए गए थे।