करनाल। गांव रंबा मेें एक सप्ताह पूर्व आए अंधड़ में टूटे बिजली के खंभे फिलहाल भी किसानों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। खंभे टूटे होने के कारण अभी कृषि के लिए बिजली सप्लाई का काम सुचारु नहीं हो पाया है। इस कारण किसानों के खेत में खड़ी धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है। सिंचाई के अभाव में सैकड़ों एकड़ धान के खेत पर न केवल धान के पौधों के पत्ते पीले पड़ने लगे है, बल्कि खेतों की जमीन में दरारें (बवाई) पड़ने लगी हैं। ऐसे हाल में किसानों के चेहरों पर परेशानी साफ झलक रही है। किसानों की मानें तो एक सप्ताह से उनके खेतों को पानी नहीं मिल रहा है। यही हालत दो चार दिन और रही तो उन लोगों की मेहनत पर पानी फिर जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
29 जून को आई आंधी में गिरे खंभे
29 जून की रात गांव रंबा क्षेत्र में आई घनी और तेज रफ्तार आंधी किसानों के लिए परेशानी का सबब बनकर आई। अंधड़ के दौरान काफी पेड़ गिर गए। पेड़ भी बिजली की लाइनों पर गिर गए। इस कारण क्षेत्र में पचास खंभे टूट गए। रंबा क्षेत्र के तमाम किसानों के खेतों पर खड़ी धान की फसल की सिंचाई नहीं हो सकी। दूसरी ओर बारिश भी नहीं हुई। कहने को मानसून आया लेकिन हल्की फुल्की फुहारों के साथ ठप होकर रह गया। मानसून शुरू होने के दो सप्ताह बाद भी अभी तक ढंग से बारिश नहीं हुई है। एक ओर किसानों के खेतों पर बिजली सप्लाई ठप हो गई और दूसरी ओर बारिश नहीं हुई। ऐसा में धान की फसल सूखना प्रारंभ हो गई। इस कारण किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं।
व्यवस्था बनाने में जुटे बिजली कर्मी
किसान दीप सिंह, शैलेंद्र, लक्खा सिंह समेत कई किसानों ने बताया कि तूफान ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी थी। संगोहा रोड पर उन लोगों के खेत हैं। वहां से गुजर रही बिजली सप्लाई की लाइनों पर पेड़ गिर गए। बिजली के तार पर पेड़ गिरने से काफी संख्या में बिजली के खंभे टूट गए। इस कारण उनके खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसा होने से धान के पत्ते पीले होने लगे हैं और धरती प्यासी होने के कारण जमीन में दरार पड़ने लगी है। बिजली निगम के कर्मचारी घटना के अगले दिन से ही काम सुचारु करने में लगे हैं लेकिन काम अधिक होने के कारण अभी तक सप्लाई चालू नहीं हो सकी है। 15 से 20 लोग इस काम को करने में लगे हैं। शनिवार दोपहर बाद किसानों की हाहाकार और आग्रह के बाद बिजली अधिकारियों के आदेश पर डोमेस्टिक सप्लाई के साथ बिजली चालू कराई गई है। उम्मीद है थोड़ी राहत किसानों को मिलेगी। दूसरी ओर किसानों के अनुसार बिजली कर्मचारी अभी भी काम को सुचारु करने में लगे हैं।
कोट्स
विभाग कर रहा है काम
पिछले दिनों आए तूफान के कारण बिजली निगम को भी दोहरा नुकसान हुआ है। पहले से चल रही पूरी सप्लाई लाइन के 40 खंभे टूट गए। उनके स्थान पर पिछले दिनों से ही नए खंभे लगाने का काम चल रहा है। काम एकदम नहीं हो सकता है लेकिन किसानों की समस्या को देखते हुए काम किया जा रहा है। शनिवार को बिजली सप्लाई चालू कर किसानों को राहत देने का काम किया गया है।
एसके दहिया
एसडीओ, बिजली वितरण प्रसारण निगम, नेवल (करनाल)