मोरमाजरा (करनाल)। पूर्व मंत्री तेजेंद्र पाल मान (तेजी) का सोमवार शाम वैदिक रीति-रिवाज से मोरमाजरा गुरुकुल की भूमि पर अंतिम संस्कार किया गया। तेजी मान के बड़े बेटे बृजेंद्र सिंह मान (बोनी) ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान हजारों की संख्या में तेजी मान के चाहने वाले और शुभचिंतक मौजूद रहे। नम आंखों से सभी ने अपने नेता को अंतिम विदाई दी।
इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तेजी मान के घर पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी, जबकि उनकी अंतिम यात्रा में प्रदेश कैबिनेट में वित्तमंत्री हर मोहिंदर चट्ठा, सांसद वीरेंद्र सिंह डूमरखंा, डा. अरविंद शर्मा, नवीन जिंदल, अशोक तंवर, विधायक रामपाल माजरा, नरेंद्र सांगवान, जिलेराम शर्मा, पूर्व विधायक राजरानी पूनम, चौ. वेदपाल, पूर्व मंत्री आईडी स्वामी शामिल हुए और उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
तीन बजे घर से निकली अंतिम यात्रा
रणधीर लेन करनाल स्थित तेजी मान के आवास से दोपहर तीन बजे के करीब अंतिम यात्रा शुरू हुई। इसमें एक खुले वाहन में तेजी मान का शव रखा गया। शव के साथ उनके दोनों बेटे और परिवार के लोग मौजूद रहे। शवयात्रा शहर से होते हुए मोरमाजरा पहुंची, वहीं, बीच-बीच में हर गांव में सैकड़ों लोगों ने पुष्पांजलि देकर तेजी मान को अंतिम विदाई दी और नम आंखों ने उन्हें नमन किया। जैसे ही अंतिम यात्रा मोरमाजरा गुरुकुल भूमि के करीब पहुंची, पहले से मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। शवयात्रा के पहुंचते ही लोगों ने तेजी मान अमर रहे के नारों से आसमान गुंजायमान कर दिया।
सवा छह बजे दी बेटे ने मुखाग्नि
वैदिक रीति-रिवाज के बाद तेजी मान के बड़े बेटे बृजेंद्र सिंह मान ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इसके साथ ही लोगों की आंखें भर आईं और एक बार फिर से तेजी मान अमर रहे के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। संस्कार के बाद परिवार के सदस्यों ने अंतिम घड़ी में पहुंचे लोगों का इस संकट की घड़ी में उन्हें हिम्मत देने के लिए आभार जताया।
गुरुकुल के बाहर बनेगा स्मारक
पहले तेजी मान का अंतिम संस्कार करनाल में ही किया जाना तय हुआ था। पर ऐन वक्त पर गुरुकुल प्रबंध समिति के सदस्य ग्रामीणों को लेकर परिजनों के पास पहुंचे और गुरुकुल भूमि पर अंतिम संस्कार करने की बात परिजनों के सामने रखी। इस पर परिजनों ने हामी कर दी। इसके बाद ही गुरुकुल भूमि पर अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। इस भूमि पर स्वर्गीय तेजी मान का स्मारक भी बनाया जाएगा। क्योंकि इस गुरुकुल को स्थापित करने में तेजी मान का अभूतपूर्व योगदान रहा है। वह सदा लोगों के दिलों में नारी शिक्षा के सचेतक के रूप में जिंदा रहेंगे।
रविवार रात हुआ था निधन
ध्यान रहे कि रविवार की रात दिल्ली स्थित आवास पर तेजी मान को अचानक हृदय घात हो गया था। उन्हें मैक्स अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन बीच रास्ते में उनका निधन हो गया। तेजी मान की पत्नी 16 जून को केदारनाथ त्रासदी में लापता हो गई थी। इसके बाद से तेजी मान सदमे में थे। वह दो रोज पूर्व 13 जुलाई को अपने साले सतबीर लांबा की रस्म क्रिया में शामिल होने के लिए दिल्ली गए थे। सतबीर लांबा भी अपनी बहन पुष्पा मान के साथ ही लापता हो गए थे।