कुरुक्षेत्र। पिछले तीन दशकों में पहली बार गीता जयंती उत्सव के स्वरूप में तबदीली होगी। ये निर्णय गीता जयंती आयोजन समिति ने ब्रह्म सरोवर तट पर स्थित श्री जयराम आश्रम में लिया। गीता जयंती के कार्यक्रमों का शुभारंभ दो दिसंबर से होगा और 13 दिसंबर 2013 तक चलेंगे। 80 के दशक में गीता जयंती के भव्य उत्सव की शुरुआत श्री जयराम संस्थाओं के संस्थापक ब्रह्मलीन देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने की थी। तब से इस उत्सव में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की विविधता और भव्यता के साथ इसका ग्राफ लगातार ऊंचाइयों की ओर बढ़ा। वहीं इस बार गीता जयंती आयोजन समिति ने इस उत्सव को सात दिन की बजाय 12 दिन तक चलाने का निर्णय लिया है। श्री जयराम संस्थाओं के अध्यक्ष और उत्तराखंड संस्कृत यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी की अध्यक्षता में आयोजन समिति के सदस्यों इस निर्णय पर मुहर लगाई। पिछले तीन दशकों में ये पहला अवसर होगा जब श्री जयराम आश्रम गीता जयंती के कार्यक्रम 12 दिन तक जारी रहेंगे। बैठक के उपरांत ब्रह्मचारी ने बताया कि इस वर्ष भी धर्मनगरी में श्री गीता जयंती महोत्सव भव्य स्वरूप से मनाया जा रहा है। उनके मुताबिक पिछले वर्षों में आयोजित गीता जयंती उत्सव के दौरान हजारों कन्याओं का सामूहिक विवाह श्री जयराम संस्था ने किया है। इनमें अधिकतर कार्यक्रमों प्रदेश के राज्यपाल और देशभर की प्रख्यात हस्तियां नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए शिरकत कर चुकी हैं। वहीं इस साल से ये कार्यक्रम भगवत कथा शुभारंभ से एक दिन पहले आयोजित होगा। शैक्षणिक केंद्रों के विद्यार्थियों के कार्यक्रम और स्पर्धाएं भी कथा शुभारंभ से दो दिन पहले संपन्न होंगी। इन सभी कार्यक्रमों के लिए आश्रम में भव्य पंडाल लगेगा, जिसमें हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ मेडिकल की सुविधाएं रहेंगी।
गीता जयंती के भव्य कार्यक्रम
भागवत ज्ञान महायज्ञ में विश्वविख्यात भागवत कथा प्रवक्ता व्यास गद्दी से अमृत वर्षा करेंगे, जबकि कथा के शुभारंभ अवसर पर दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर से शोभायात्रा व्यास पीठ तक पहुंचेगी। कथा के समापन पर 13 दिसंबर को विशाल शोभायात्रा आयोजित की जाएगी। इस बीच गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह, हास्य कवि सम्मेलन, शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थियों की गीता पर आधारित श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताएं, भाषण, चित्रकला, नाट्य, कविता, लेखन, नृत्य, सामूहिक गान और सामूहिक नृत्य प्रतियोगिताएं दो दिसंबर को विद्यापीठ में होने वाले ध्वजारोहण के साथ ही प्रारंभ हो जाएंगी।
बैठक में ये लोग थे मौजूद
श्री गीता जयंती आयोजन कमेटी के सदस्यों में कुरुक्षेत्र बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव केके कौशिक एडवोकेट, हरियाणा चैंबर आफ कॉमर्स के पूर्व उपाध्यक्ष और एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य राजेंद्र सिंघल, हरियाणा चैंबर आफ कॉमर्स के जिलाध्यक्ष कुलवंत सैनी, केयू प्रोफेसर श्रीकृष्ण शर्मा, श्रवण गुप्ता, विलायती राम नरुला, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय सचिव खरैती लाल सिंगला, समाजसेवी टेक चंद लौहार माजरा, राजेश सिंगला, सुरेंद्र गुप्ता, अनिल गोयल, मुनीश मित्तल और कृष्णकांत शर्मा मौजूद थे।