राहत एवं पुनर्वास विभाग शिमला की टीम ने पांवटा में सील आसाराम के कुंजा मतरालियों आश्रम परिसर का सोमवार को भी निरीक्षण किया।
इस दौरान आश्रम की टूटी सुरक्षा दीवार एवं नया जालीदार दरवाजा लगा पाया। आश्रम में निरीक्षण के दौरान कब्जे में लिए गए स्थल पर आवाजाही पाई गई।
इसके बाद टीम ने स्थानीय आश्रम प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है। अमर उजाला ने ही सील आश्रम में आवाजाही का मामला उठाया था।
शिमला से नायब तहसीलदार रविंद्र सिंह कंवर एवं कानूनगो मस्तराम भारद्वाज की टीम सोमवार को आश्रम पहुंची। दो माह पहले आसाराम के आश्रम को सील किया था जिसमें 14 बीघा 6 बिस्वा जमीन शामिल थी।
इसमें कुटिया, मंदिर, पिरामिड, लंगर हॉल एवं सत्संग परिसर शामिल था। आश्रम परिसर में बनी कुटिया में तब कोई दरवाजा नहीं था। जबकि अब कुटिया में जालीदार दरवाजा लगा मिला। आश्रम परिसर में प्रवेश करने को सील किया था, स्थल की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त पाई गई। संभवतया इसी स्थल से भीतर प्रवेश किया जा रहा था। परिसर में बने पिरामिड स्थल पर वाद्य यंत्र भी पाए गए।
टीम ने स्थानीय एसडीएम श्रवण मांटा को भी सूचित किया। पांवटा आश्रम को सील करने के बावजूद परिसर की दीवार को क्षति पहुंचाने समेत सभी गतिविधियों के बारे में पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है।
पांवटा के डीएसपी योगेश रोल्टा एवं थाना प्रभारी भीष्म ठाकुर ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शिमला से पहुंचे राहत एवं पुनर्वास विभाग के नायब तहसीलदार रविंद्र कुमार कंवर ने शिकायत दर्ज करवाई है।
इसमें सीज संपत्ति को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने के लिए सेक्शन-3 के तहत मामला दर्ज हुआ है। पांवटा स्थित आश्रम प्रबंधन वर्ग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।