केलांग। प्रदेश के तीन जनजातीय विधानसभा क्षेत्रों का जायजा लेने आए कांग्रेसी पर्यवेक्षक मनाली से ही वापस लौट गए। हालांकि उन्होंने किन्नौर का जायजा जरूर लिया लेकिन खराब सड़क का बहाना बनाकर उत्तराखंड के विधायक पर्यवेक्षक नव प्रभात लाहौल-स्पीति और भरमौर विधानसभा हलकाें का दौरा किए बगैर पर्यटन नगरी मनाली से ही वापस लौट गए।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान ने जनजातीय हलकों से टिकट के दावेदारों की टोह लेने के लिए प्रभात को जनजातीय क्षेत्रों केदौरे पर भेजा था। लेकिन प्रभात ने मनाली में बैठककर टिकट की जुगत भिड़ाने वाले लाहौल कांग्रेस के नेताओं के साथ आनन-फानन में कागजी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया।
पर्यवेक्षक नव प्रभात का कहना है कि उन्हें लाहौल-स्पीति कांग्रेस के कुछ नेताओं ने बताया था कि रोहतांग के आसपास सड़क की हालत बेहद नाजुक है। लिहाजा औपचारिकता के लिए मनाली में ही बैठक की गई। इसके विपरीत इन दिनों रोहतांग के लिए पर्यटक वाहनों की आवाजाही कम होने के कारण ट्रैफिक सामान्य है। इससे पहले भी कांग्रेस पर मनाली से लाहौल की सियासत करने के आरोप लगते आए हैं।
कांग्रेस के पूर्व विधायक ठाकुर रघुवीर सिंह ने कहा कि एक जिले में बैठकर दूसरे जिले का चुनावी आकलन तर्कसंगत नहीं है। वे चाहते हैं कि पर्यवेक्षक लाहौल स्पीति आकर नेताओं या टिकट के दावेदारों के साथ जमीनी स्तर से जुड़े पार्टी कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श करें। युकां के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र कारपा भी पूर्व विधायक के राय से इफ्तेफाक रखते हैं। उधर, पर्यवेक्षक नव प्रभात अगस्त माह में लाहौल-स्पीति और भरमौर विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करने की बात कह रहे हैं।