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काहिका में होगा देव शक्ति का इम्तिहान

Kullu Updated Mon, 15 Jul 2013 05:31 AM IST
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कुल्लू। देवता की शक्ति का एक बार फिर से हजारों लोगों की मौजूदगी में इम्तिहान होगा। देवता में शक्ति है या नहीं इसका प्रमाण वे मृत देह में प्राण भरकर देंगे। 17 जुलाई को पहले नड़ मूर्छित हो जाएगा फिर दैवीय शक्ति से उसे जिंदा किया जाएगा। 15 जुलाई से देवभूमि कुल्लू के बशौणा गांव में देवता कपिल मुनि के सम्मान में काहिका उत्सव शुरू हो रहा है। इसके लिए मंदिर कमेटी और देवता के हारियानों तथा देवलुओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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देवता कपिल मुनि का रथ देवालय से बाहर निकालते ही इसका शुभारंभ होगा तथा देवता पूरे गांव की परिक्रमा करेंगे। 15 जुलाई को नड़ आलम चंद का देवविधि अनुसार ढोल-नगाड़ों की थाप पर स्वागत किया जाएगा। 17 जुलाई दोपहर बाद दैवीय शक्ति का परीक्षण शुरू होगा। इसमें सबसे पहले नड़ को पवित्र जल से नहलाकर गांव से दो सौ मीटर दूर देवता के समक्ष लाया जाएगा। यहां पर देवता नड़ को पंच रत्न के साथ पानी पिलाएंगे जिससे वह मूर्छित हो जाएगा। इसके बाद नड़ को जिंदा करने के लिए देवता का गुर खेल के बीच पवित्र जल का छिड़काव करेंगे। इसमें देवता की शक्ति का पता चलेगा। अगर नड़ इस दौरान खड़ा हो उठा तो समझो कि देवता शक्तियों से भरपूर है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो देवता का रथ सहित पूरी संपत्ति नड़ के परिवार के नाम कर दी जाती है। देवता कपिल मुनि के कारदार चुने राम शर्मा तथा भंडारी अमर ठाकुर ने बताया कि 15 जुलाई से देवता कपिल मुनि के आदेशानुसार काहिका उत्सव का आगाज होगा। बशौणा में काहिका हर तीन साल बाद होता है।
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