कुल्लू। रोहतांग में यात्रियों के फंसने की घटना से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में लाहौल प्रशासन की ओर से बरती गई ढील पर नेशनल एसटी कमीशन उपाध्यक्ष एवं विधायक रवि ठाकुर खफा हैं। रवि ठाकुर ने कहा है कि शुक्रहै कि कुल्लू प्रशासन ने सूचना मिलते ही तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन छेड़ दिया अन्यथा रोहतांग में बर्फीले तूफान के बीच फंसे लोगों के साथ कुछ भी हो सकता था। रवि ठाकुर ने कहा कि मामले को लेकर लाहौल स्पीति प्रशासन से जवाब तलब किया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि अगर शुक्रवार को मौसम खराब था तो ऐसे में पुलिस ने कोकसर से वाहनों को रोहतांग जाने की अनुमति कैसे दे दी। विधायक ने कहा कि जिला प्रशासन रोहतांग दर्रा पार करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। लिहाजा, जनता में प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। उन्होंने कहा कि वह मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिल रहे हैं। वहीं, बर्फीले तूफान के बीच फंसे यात्रियों ने सवाल उठाए हैं कि पर्यटकों को जब मनाली प्रशासन की ओर ब्यास नाला तक जाने की अनुमति दी गई है तो मढ़ी पार करते हुए पर्यटक वाहन रोहतांग दर्रा तक कैसे पहुंच रहे हैं। यात्री सुरेश, कमला, अशोक तथा राकेश का कहना है कि पर्यटक वाहनों के कारण रोहतांग और ब्यासनाला में घंटों जाम लगने के कारण ऐसे हालात उत्पन्न हो रहे हैं। जबकि, ब्यासनाला में ट्रैफिक व्यवस्था को देखने के लिए कोई पुलिस कर्मी तैनात नहीं दिखते हैं। जनजातीय यात्रियों ने मनाली प्रशासन से मांग की है कि अनुमित के बगैर ब्यासनाला पार कर रोहतांग जाने वाले पर्यटक वाहनों पर भारी भरकम पेनल्टी लगाई जाए। इधर, एसडीएम मनाली विनय धीमान ने कहा कि पर्यटक वाहनों को ब्यासनाला तक जाने की अनुमति दी जा रही है। बिना अनुमति के रोहतांग जाने वाले ऐसे वाहनों पर शिकंजा कसा जाएगा।