उरला (मंडी)। सरकार ने अटल वर्दी योजना के तहत स्कूली विद्यार्थियों को शीतकालीन सत्र में मिलने वाली गर्म यूनिफार्म की जगह फिर से समर सीजन की यूनिफार्म वितरित कर डाली। ऐसे में गर्म वर्दी के इंतजार में बैठे क्षेत्र के सैकड़ों स्कूलों के नौनिहालों को मायूस होना पड़ा। उल्लेखनीय है कि सरकार ने अटल वर्दी योजना के तहत विंटर और समर सीजन के लिए अलग अलग वर्दी उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी। द्रंग क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में दूसरी बार मिलने वाली गर्म वर्दी का वितरण नहीं हो पाया था। इस समस्या को लेकर अमर उजाला ने बीते 12 दिसंबर को ‘सर्दी आई, कब मिलेगी स्कूली छात्रों को गर्म वर्दी’ शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आते हुए शिक्षा विभाग ने द्रंग के स्कूलों में वर्दी का वितरण तो किया, लेकिन विंटर की जगह फिर से समर सीजन की यूनिफार्म वितरित की गई है। इस मामले को लेकर क्षेत्र के स्कूलों की स्कूल प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने सरकार और विभाग का कड़ा नोटिस लिया है। स्कूल प्रबंधन समिति राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उरला के प्रधान पूरन चंद, मिडल स्कूल सियून के प्रधान लेखराम ठाकुर, नागणी के प्रधान रमेश कुमार, नरेश कुमार ठाकुर सहित अभिभावकों में मान सिंह, दीप कुमार आदि का कहना है कि सरकार ने अटल वर्दी योजना के तहत एक शैक्षणिक सत्र में विंटर और समर सीजन की दो नि:शुल्क यूनिफार्म उपलब्ध करवाने का ऐलान किया था। वर्दी की सिलाई के लिए सौ- सौ रुपए तथा लड़कियों की यूनिफार्म के साथ दुप्पटे का वितरण भी नहीं किया गया। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि समर सीजन में वितरित की गई यूनिफार्म की सिलाई के पैसे भी अभी तक नहीं मिल पाए हैं। सरकार ने यूनिफार्म के साथ सिलाई के लिए सौ- सौ रुपए देने की बात कही थी। उधर, शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक ब्रह्म दास का कहना है कि योजना के तहत गर्म यूनिफार्म का प्रावधान नहीं है, सिर्फ साल में दो बार वर्दी उपलब्ध करवाई जाएगी। दुपट्टों की सप्लाई कम आने की वजह से कई स्कूलों में वितरण नहीं हो पाया है। वहीं शीघ्र ही दुपट्टे वितरित कर दिए जाएंगे। सिलाई के पैसे भी शीघ्र ही मुहैया करवाए जाएंगे।