सरकाघाट (मंडी)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमणी खुद बीमार है। केंद्र में जरूरी सहूलियतों और स्टाफ का भारी अभाव है। इससे तीन पंचायताें के सैकड़ों लोग समस्याएं झेल रहे हैं। किसी भी सियासी या सरकारी नुमाइंदे ने इसकी सुध नहीं ली है। जमणी सहित खाहण तथा गैहरा पंचायतों के बाशिंदे इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं, लेकिन इन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। नियमानुसार पीएचसी में दो डाक्टरों, 2 फार्मासिस्ट, 3 स्टाफ नर्स, एक नेत्र जांच चिकित्सक, दंत चिकित्सक, एक्सरे तकनीशियन, लैब तकनीशियन, 3 सेवादार तथा 2 पद सफाई कर्मचारियों के स्वीकृत हैं, लेकिन अस्पताल में एक महिला चिकित्सक ही मौजूद है। इसके अलावा एक फार्मासिस्ट, एक सेवादार और महज एक सफाई कर्मचारी है। पीएचसी में 12 बिस्तरों की सुविधा है, लेकिन स्टाफ नर्स और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी के चलते 6 हजार की आबादी को रिवालसर अथवा मंडी पहुंचकर सेवाएं लेनी पड़ रही हैं। पीएचसी में दंत चिकित्सक, नेत्र जांच चिकित्सक का पद भी खाली है। जबकि अस्पताल में एक्सरे तकनीशियन न होने से लाखों का एक्सरे प्लांट वर्षों से धूल फांक रहा है। चालक न होने से एंबुलेंस खंड चिकित्सा अधिकारी बलद्वाड़ा के कार्यालय में खड़ी है। इससे आपातकाल में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। इधर, जमणी पंचायत के उपप्रधान चेतराम, वार्ड पंच सूरजमणी, जगदीश, बनीता, भावना, भलियार निवासी देशराज, मनोहर लाल, बंशी लाल, मुंशी राम, खेम सिंह, विमला देवी, फूलां देवी, तारा देवी, जमना देवी आदि ने इस बदहाली पर गहरा रोष प्रकट किया है तथा स्वास्थ्य मंत्री से पीएचसी में रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा इंडोर सुविधाएं बहाल करने का आग्रह किया है। उधर, सीएमओ मंडी डा. एबी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में रिक्त पदों के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया गया है। शीघ्र ही रिक्त पद भर दिए जाएंगे।