पधर (मंडी)। पाली का तीन दिवसीय किसान मेला मंगलवार को देवी-देवताओं की विदाई के साथ संपन्न हो गया। एसडीएम विनय मोदी ने मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए मेला की शोभा बढ़ाने आए देवी-देवताओं की पूजा अर्चना कर मेला कमेटी की ओर से देवताओं को चादरें भेंट कर उन्हें विदाई दी। मेले के समापन समारोह में महिला मंडल और स्कूली बच्चों के रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। एसडीएम ने कहा कि मेले किसानों की समृद्धि के प्रतीक होते हैं। मेले प्रदेश की प्राचीन संस्कृति की अनमोल धरोहर हैं, जिसे संजोए रखने में हम सभी को आपस में परस्पर सहयोग करना चाहिए। मेले लोगों के मेलजोल का साधन होते हैं, जिससे आपसी भाईचारा भी लोगोें में बढ़ता है। पाली मेला में लगभग आधा दर्जन से अधिक देवी देवताओं ने मेला कमेटी के अनुरोध पर शिरकत की थी। कहा कि देव भूमि हिमाचल की प्राचीन धरोहर को संजोय रखने में देवी देवताओं का अमूल्य आशीर्वाद हमें निरंतर मिल रहा है। इस मौके पर मेला कमेटी के अध्यक्ष कैप्टन प्रेम सिंह और पंचायत प्रधान दुनी चंद ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान माता चामुंडा भगवती के वरिष्ठ पुजारी जो मेला के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं पंडित संतराम शर्मा, पीएचसी पाली के इंचार्ज डाक्टर दीपक गुप्ता, एनजीओ के प्रदेश महासचिव हेम सिंह ठाकुर, अधिवक्ता आइडी त्यागी, पंचायत उपप्रधान पवन कुमार, मंच संचालक दिनेश शास्त्री और पूर्व पंचायत समिति सदस्य कला त्यागी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।