छावनी परिषद सुबाथू ने इंटरलॉक टाइलें बिछाने का फैसला लिया है।
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छावनी संपत्ति मामले पर आयोजित विशेष बैठक में लोनिवि और एमईएस (मिल्ट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज) विभाग के पचड़े में फंसी सुबाथू की मुख्य सड़क पर छावनी परिषद ने इंटरलॉक टाइलें बिछाने का फैसला लिया है।
बोर्ड की मीटिंग में इसे मंजूरी के लिए रखा जाएगा। यदि यह कवायद रंग लाती है तो बद से बद्तर हो चुका सुबाथू छावनी का मार्ग चकाचक हो जाएगा। कुनिहार, अर्की, नालागढ़ और एनएच दाड़लाघाट को मिलने वाले मार्ग का मुख्य खराब पैच ठीक होगा। बैठक में 12 इंतकाल के मामलों को आगामी कार्रवाई के लिए बोर्ड की बैठक में शामिल करने पर सहमती बनी है।
अवैध निर्माण के लंबित मामलों पर कंपाउंड फीस लगाकर नियमित करने पर भी विचार होगा। इसमें जल्द ही कंपाउंड फीस लगाकर मामले निपटाए जा सकते हैं। बुधवार को सुबाथू छावनी परिषद में आयोजित बैठक में यह फैसले लिए गए। बैठक की अध्यक्षता छावनी बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने की। इसके अलावा मनीष गुप्ता, शकुन चौहान, अरिता शर्मा, सुमित गिल मौजूद रहे। कनिष्ठ अभियंता अमरीश जौली ने भी बैठक में शिरकत की।
यह है मामला
सुबाथू छावनी क्षेत्र में दर्जनों इंतकाल के मामले भी लंबित हैं। दस्तावेज के पेच में फंसे सालों से इन मामलों का निपटारा नहीं हो पा रहा। छावनी नियमों के मुताबिक इंतकाल के मामले अब तक निपट जाने चाहिए थे। लिहाजा अब छावनी बोर्ड इन मामलों को जल्द निपटारे के लिए प्रयासरत हैं।
इसलिए इंतकाल जरूरी
सुबाथू छावनी बोर्ड में कई लोग जर्जर भवनों में रहने को मजबूर हैं। बिना इंतकाल के भवनों का नए सिरे से निर्माण नहीं किया जा सकता। मालिकाना हक भी कब्जाधारी जमा नहीं सकते। लिहाजा इंतकाल के लिए लंबे अरसे से मांग की जा रही है। नतीजतन भवनों को नए सिरे से बनाया जा सके। इंतकाल न होने के कारण कई संपत्तियां खंडहर बन चुकी हैं। इसका प्रयोग न तो रहने और न ही व्यावसायिक गतिविधियों के लिए हो पा रहा है।