राजस्थान में अन्नदाता बृहस्पतिवार से आंदोलन का बिुगल फूंकने जा रहा है। अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ के बैनर तले इस आंदोलन का आगाज हो रहा है।
राजस्थान के आठ संभाग स्तरों पर हजारों की संख्या में बृहस्पतिवार से किसान जुटना प्रारंभ हो जाएंगे। संघ के अनुसार यह अनिश्चितकालीन धरना होगा। जब तक राज्य सरकार उनकी मांग नही मान लेती तब तक यह धरना जारी रहेगा।
संघ हालांंकि यह स्पष्ट कर चुका है कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा लेकिन असमाजिक तत्वों के कारण कोई विवाद हुआ तो संघ के अनुसार उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। वहीं किसानों के हितैषी के तौर पर दिखना चाहती कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया।
दूसरी और राज्य सरकार किसान आंदोलन को देखते हुए अलर्ट पर है। प्रदेश के सभी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के अवकाश कैंसिंल कर दिए गए है। लेकिन राजस्थान की सबसे बड़े मुश्किल ये है कि यूपी और अब महाराष्ट्र सरकार के किसानों के ऋण माफ करने की घोषणा के बाद वह दबाव में है।
वहीं मध्य प्रदेश में हिंसक किसान आंदोलन के बाद राजस्थान में किसी प्रकार का तनाव ना हो यह भी सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।