जम्मू। कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार द्वारा एफडीआई को अनुमति देने, डीजल और एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी के खिलाफ आम समाज के साथ व्यापारिक तबका भी लामबंद हो गया है। इस सिलसिले में एनडीए और अन्य सियासी दलों के आगामी बीस सितंबर को भारत बंद के एलान के तहत जम्मू बंद को समर्थन देने का फैसला विभिन्न व्यापारिक और विपक्षी सियासी दलों ने किया है। इनमें भाजपा, जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट, ट्रेडर्स फेडरेशन आदि संगठन शामिल हैं।
ट्रेडर्स फेडरेशन ने केंद्र सरकार की ओर से एफडीआई को अनुमति देने के खिलाफ विपक्षी सियासी दलों की तरफ से बंद की काल का समर्थन किया है। सीनियर उपप्रधान पुरन चंद और श्याम लाल गुप्ता ने बताया कि व्यापारियों को एफडीआई के आने से खासा नुकसान होगा। यहीं नही, आम लोगों की रोजी - रोटी और रोजगार भी छिन जाएगा। फेडरेशन की तरफ से बंद को समर्थन दिया जाएगा। इस सिलसिले में हुई फेडरेशन की बैठक में नरेश गुप्ता, श्याम लाल लंगर, सौरभ गुप्ता और संदीप गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित थे। र्थ
जम्मू वेस्ट असैंबली मूवमेंट ने बीस सितंबर को जम्मू बंद का आह्वान किया है। मूवमेंट के प्रधान सुनील डिंपल ने बढ़ोतरी को जन विरोधी बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के फैसले के रसोई गैस की भारी किल्लत हो गई है।
उन्होंने कहा कि सब्सिडी पर साल में एक परिवार को केवल छह सिलेंडर मिलने से कालाबाजारी बढ़ जाएगी। उन्होंने सभी संगठनों से अपील की है कि वह केंद्र सरकार के जन विरोधी फैसले के खिलाफ जम्मू बंद का समर्थन करें।