जम्मू। विधान परिषद की छह सीटों के लिए क्रास वोटिंग मामले में विजिलेंस भाजपा विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारियों में है। विजिलेंस इस मामले पर विचार विमर्श कर रही है कि सात विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज हो या फिर 11 विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज कैश फार वोट घोटाले की जांच शुरू की जाए। हालांकि सूत्रों के अनुसार विजिलेंस पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का भी राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और राजनीतिक सरगर्मियां भी शुरू हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट की विशेष खंडपीठ के विजिलेंस को आवश्यक कदम उठाने के सख्त आदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल शुरू हो गई है। विजिलेंस को आदेश दिया गया है कि उसने एसओएस होम के राजीव चुनी के 14 जून 2012 के शिकायती पत्र पर क्या कदम उठाए हैं। इस आदेश के बाद विजिलेंस अधिकारियों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार विशेष बैठक में चर्चा की गई कि भाजपा से निलंबित सात विधायकों या सारे 11 विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इन सभी विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की तकनीकी पहलू पर विस्तार से चर्चा हुई। एसओएस होम की शिकायत में दावा किया गया है कि क्रास वोटिंग से नेकां और नेशनल कांफ्रेंस के उम्मीदवारों को लाभ पहुंचा है और वह एमएलसी चुन लिए गए। एसओएस होम के चेयरमैन राजीव चुनी के अनुसार लाभ पाने वालों और वोट डालने वालों का विजिलेंस पर दबाव लगातार बनाया जा रहा है।