जम्मू। रियासत के मानसिक रोगियों के लिए खुशखबरी है। संभाग के दूसरे साइकेटरी अस्पताल का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है। जम्मू में सीडी अस्पताल के साथ बीस करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट को अगले कुछ माह में लोगों को समर्पित करने की तैयारी की जा रही है। इस अस्पताल में डी एडिक्शन सेंटर की सुविधा होगी, जो संभाग का पहला ऐसा सेंटर स्थापित होगा। इसके अलावा पैरा मेडिकल स्टाफ और मेडिकल आफिसरों को जिला मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत विशेष प्रशिक्षण के लिए ट्रेनिंग सेंटर उपलब्ध होगा।
रेशमघर स्थित निर्माणाधीन नए साइकेटरी अस्पताल में डी एडिक्शन सेंटर से नशे की गिरफ्त में आए लोगों को राहत मिलेगी। इसमें इलाज के साथ कई प्रकार की थैरेपी मरीजों को दी जाएगी। अभी तक संभाग में जीएमसी में ओपीडी सुविधा में सिर्फ 7-8 बेड उपलब्ध हैं, लेकिन नए प्रोजेक्ट में मरीजों को राउंड द क्लाक चौबीस घंटे चिकित्सा मिल सकेगी।
जम्मू स्थित पुराने साइकेटरी अस्पताल में 75 बेडों से काम चलाया जा रहा है। जबकि समय के साथ मानसिक रोगियों की संख्या में भी बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। नए साइकेटरी अस्पताल में डी एडिक्शन सेंटर में मरीजों के लिए 25-30 बेड अलग से स्थापित होंगे। इसके अलावा सौ अन्य बेड भी स्थापित किए जाएंगे। तीन फ्लोर के नए साइकेटरी अस्पताल के प्रोजेक्ट में पहले फ्लोर पर ओपीडी ब्लाक, डिस्पेंसरी, डी एडिक्शन सेंटर, ईसीटी (इलेक्ट्रानिक कंवर्सिक थैरेपी), कंसलटेंट रूम आदि सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा ट्रेनिंग सेंटर में संभाग भर के जिला अस्पतालों के लिए पैरा मेडिकल स्टाफ और मेडिकल आफिसर को मेंटल हेल्थ का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
साइकेटरी अस्पताल के एचओडी डा. जगदीश थापा के अनुसार, नए प्रोजेक्ट में जम्मू संभाग में पहला एकमात्र डी एडिक्शन सेंटर खोला जा रहा है। अभी तक नशे से विभिन्न मानसिक रोगों से जूझ रहे लोगों को संभाग स्तर पर जीएमसी में आना पड़ रहा है। प्रोजेक्ट के मुख्य कार्य लगभग पूरे कर लिए गए हैं और जल्द ही इसके शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।