जम्मू। जम्मू कश्मीर के संविधान की धारा 49 के तहत विधानसभा में अनुसूचित जाति की सीटों को 25 जनवरी 2020 तक आरक्षित करने के तहत धारा के सब सेक्शन (2) को संशोधित करके 2010 के एलए बिल संख्या तीन को बुधवार को विधान परिषद में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। जिस समय यह बिल पारित हुआ, उस समय विपक्ष का कोई सदस्य भी सदन में मौजूद नहीं था।
उपमुख्यमंत्री तारा चंद की मौजूदगी में राज्य के विधि, न्याय और संसदीय मामलों के मंत्री मीर सैफुल्ला ने बिल को सदन के समक्ष मंजूरी के लिए पेश किया। जिस समय यह बिल पेश किया गया। सदन में पीडीपी के तीनों सदस्यों के अलावा पैंथर्स सदस्य सईद रफीक शाह भी मौजूद नहीं थे। सत्तापक्ष के किसी भी सदस्य ने बिल पर कोई आपत्ति नहीं जताई। ध्वनिमत से इस बिल को सदन से मंजूरी बिल गई। रियासत में बिल को पारित करवाना इसलिए भी जरूरी था कि जम्मू कश्मीर संविधान की धारा 49 के तहत 25 जनवरी 2010 से विधानसभा में अनुसूचित जाति वर्ग को सीटों में आरक्षण देने की समयावधि पूरी हो चुकी थी। संसद ने 2009 में 109वें संविधान के तहत अनुच्छेद 334 में संशोधन संसद और अन्य राज्यों की विधानसभा में दस सालों के बिल आरक्षण को बढ़ा दिया था। जम्मू कश्मीर में धारा 370 लागू होने के बजाय यहां पर यह प्रावधान लागू नहीं हुए और जरूरी था कि जम्मू कश्मीर राज्य के संविधान में संशोधन कर यहां पर आरक्षण की अवधि को दस साल तक बढ़ाया जाए। धारा 49 की सब सेक्शन दो में संशोधन के पारित होने से अब आरक्षण को 25 जनवरी 2020 तक कर दिया गया है।