जम्मू। पाक आतंकी बताकर पुलिस हिरासत में मौत के मामले मेें मृतक के पिता की याचिका पर डीसी किश्तवाड़ को पेश होने के आदेश दिए। याचिका में कब्र से शव को निकाल कर पोस्टमार्टम, डीएनए टेस्ट कराने की अपील की गई, ताकि मृतक की सही पहचान हो सके।
सोमवार के जब केस की सुनवाई शुरू हुई तो हाईकोर्ट ने पाया कि डीसी किश्तवाड़ ने कोई हलफनामा या कार्रवाई रिपोर्ट पेश नहीं की है। याचिका के अनुसार थन्नामंडी राजोेरी में नौवीं क्लास के मुश्ताक अहमद जून 2002 में स्कूल गया था लेकिन घर लौटकर नहीं आया। काफी तलाश के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। काफी साल के बाद याची को सूत्रों से जानकारी मिली कि उसका बेटा आतंकी बन गया है। उसे गुलाम कादिर और एसटीएफ टीम ने जिंदा पकड़ा और एसएसपी डोडा के हवाले किया है। सूचना पाकर याची तुरंत डोडा के लिए रवाना हो गया। पुुलिस अधिकारियों से बेटे से मुलाकात कराने का आग्रह किया। अधिकारियों ने कबूल किया कि मुश्ताक उनके कब्जे में है लेकिन उसे मिलने नहीं दिया गया। पुलिस हिरासत में वह सुरक्षित है, इस आश्वासन के बाद याची लौट आया। कुछ दिनों बाद उसने टेलीफोन पर पुलिस अधिकारियों से बात की। अब पुलिस अधिकारियों का व्यवहार पूरी तरह से बदल गया। उन्होंने बताया कि उसका बेटा पुलिस हिरासत में नहीं है। उसे कभी हिरासत में लिया ही नहीं गया। सूत्रों से ही सूचना मिली कि मुश्ताक को पाक आतंकी बताकर मार दिया गया और हाईकोर्ट में याचिका पेश की गई। जेएनएफ