जम्मू। सरकारी की ओर से हाल ही में हुए मुलाजिमों के आंदोलन को एस्मो लागू करने के अलावा नो वर्क नो पे का नियम सख्ती से लागू करवाकर काफी हद तक सफल नहीं होने दिया। अब मुलाजिमों के संगठन ज्वाइंट कंसलटेटिव कमेटी (जेसीसी) ने नए सिरे से अगले आंदोलन के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
जेसीसी के नेता अब्दुल कयूम वानी का कहना है कि सरकार की सख्ती के आगे मुलाजिम झुकने वाले नहीं है। मुलाजिम कोई नई मांग नहीं कर रहे है। वह केवल 15 सितंबर 2011 और आठ जुलाई 2012 को सरकार के साथ हुए समझौतों को लागू करने की मांग कर रहे है। सरकार न तो समझौते पर अमल कर रही है। उल्टे मुलाजिमों के आंदोलन को अवैध घोषित किया गया और धड़ाधड़ गिरफ्तारियां की गई।
उन्होंने कहा कि मुलाजिम इससे डरने वाली नहीं है और जब तक मांगें पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन को जारी रखा जाएगा। ईद के बाद नए सिरे से आंदोलन की रणनीति को ऐलान किया जा सकता है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में रिटायरमेंट आयु को बढ़ाकर 58 से साठ साल किया जाना, अस्थायी मुलाजिमों को नियमित करने के लिए नीति निर्धारित करना और विभिन्न व्यवस्था के कर्मचारियों कीवेतन विसंगतियों को दूर करना आदि शामिल है। वानी इस संदर्भ में ग्रीष्मकालीन राजधानी में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए भी अपनी स्थिति को स्पष्ट कर चुके हैं। उनका कहना है कि सरकारी मुलाजिमों का सरकार के खिलाफ संघर्ष झूठे वायदों को लेकर के है। सरकार पुलिस के दम पर मुलाजिमों को झुकाना चाहती है लेकिन ऐसा नहीं होगा।
हाल ही में जेसीसी के झंडे तले हुए मुलाजिम आंदोलन के दौरान सरकार के एस्मो लागू करने के दौरान जम्मू में 18 मुलाजिमों पर मामला दर्ज किया गया था।