जम्मू। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुंछ जफर हुसैन बेग ने जानलेवा हमले के आरोपी शकूर अहमद को पांच साल कड़ी कैद और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई, जबकि अन्य आरोपी मोहम्मद इकबाल के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किए।
पुलिस केस के अनुसार 23 अगस्त 2004 को शिकायतकर्ता बशीर अहमद ने घायल मोहम्मद फारूक, शमीमा अख्तर, मोहम्मद सिकंदर के साथ मिलकर सुरनकोट पुलिस थाने में शिकायत पेश की। शिकायत में बताया आरोपियों के साथ जमीन को टुकड़े को लेकर तनाव भरे संबंध हैं। पिछली रात सिकंदर और मारूफ शादी से लौट रहे थे। उन्हें रोका गया और हमला किया। आरोपी सिकंदर को अपने साथ ले गए। उसे रहीमा और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने जबरन बंदी बना लिया। मोहम्मद फारूक और उसकी पत्नी जब अपने बेटे को छुड़ाने के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें भी पीटना शुरू कर दिया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
कोर्ट ने पब्लिक प्रोसीक्यूटर नजीर हुसैन और एडवोकेट राजा मोहम्मद अब्बास खान की दलीलों पर शकूर अहमद और मोहम्मद इकबाल को दोषी करार दिया। कोर्ट ने कुल पांच साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
कोर्ट ने पाया कि मोहम्मद इकबाल नौ साल से लगातार कोर्ट में पेश हो रहा है। जब सजा का फैसला सुनाया जाना था, उस दिन ही वह मौजूद नहीं रहा, जिसके कारण उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए। जेएनएफ