जम्मू। सांबा में जिला कोर्ट कांप्लेक्स निर्माण को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने वित्त सचिव को अगली तिथि पर पेश होने के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश एमएम कुमार और न्यायाधीश नीरज सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने वित्त सचिव के अदालत में उपस्थित न होने पर कड़ा संज्ञान लिया है। खंडपीठ ने कहा कि 26 दिसंबर, 2013 के आदेश में वित्त सचिव को उपस्थित होने के लिए कहा गया था लेकिन इसके बावजूद वे क्यों नहीं हाजिर हुए। खंडपीठ ने याचिका को 13 फरवरी, 2014 को सूचीबद्ध करने के निर्देश भी दिए।
साथ ही वित्त सचिव अगली तिथि पर बताएं कि 06 फरवरी यानी आज अदालत में क्यों उपस्थित नहीं हुए। याचिकाकर्ता गणेश शर्मा के वकील सुनील सेठी और सरकार की ओर से पेश सीनियर एएजी गगन बसोत्रा की दलीलें सुनने के बाद सीनियर एएजी को निर्देश दिए कि जिला कोर्ट कांप्लेक्स के लिए फंड मंजूर करने में लगने वाले समय के संबंध में वित्त विभाग और मुख्यमंत्री सचिवालय से दिशा निर्देश लें।
याचिका को सुनवाई के लिए जब रखा गया तो खंडपीठ ने पाया कि पिछली सुनवाई में एक विभाग से दूसरे विभाग में फाइल लटकने पर विस्तृत आदेश दिए गए थे। कोर्ट कांप्लेक्स निर्माण में सरकार के ढुलमुल रवैये पर खंडपीठ ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। साथ ही सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगते हुए पूछा कि क्या प्रशासनिक कांप्लेक्स निर्माण के समय जो मापदंड अपनाए जाते हैं, वह न्यायिक कोर्ट कांप्लेक्स निर्माण में भी अपनाए जा रहे हैं। कोर्ट कांप्लेक्स के लिए फंड जारी करने के लिए अदालत ने निर्देश जारी किए थे और इस मामले में आवश्यक कार्यवाही आज की सुनवाई से पहले की जानी थी। यदि कार्यवाही पूरी नहीं होती है तो योजना एवं विकास और वित्त विभाग के सचिव कोर्ट में उपस्थित होकर मामलों की जानकारी देंगे।
खंडपीठ ने यह भी पाया कि सीनियर एएजी ने योजना सचिव से दिशा-निर्देश पाने के बाद बताया था कि फंड रिलीज करने की मंजूरी मिल गई है और अब फाइल वित्त विभाग के पास है। इस संबंध में न योजना विभाग और न ही वित्त विभाग ने कोई स्टेटस रिपोर्ट पेश की है। मामला अब भी लटका हुआ है। साथ ही सीनियर एएजी इस संबंध में प्रगति पर विभाग से आवश्यक रिपोर्ट लेकर अदालत को बताएं। जेएनएफ