जम्मू। पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि रियासत और देश के अवाम में अविश्वास की भावना पैदा करने के लिए नेशनल कान्फ्रेंस के साथ कांग्रेेस भी बराबर की जिम्मेदार है। उन्हाेंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हर मसले को हल करने के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं को तैयार करने की जरूरत है, यह काम सत्ताधारी दल नहीं कर सके। उन्होंने कश्मीरी पंडित विस्थापिताें को आश्वस्त किया कि उनकी घाटी में वापसी को पीडीपी सुनिश्चित करेगी। रविवार को पीडीपी प्रत्याशी के समर्थन में शहर और बाहरी इलाकों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए मुफ्ती ने यह मुद्दा उठाया।
मुफ्ती ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी नेकां ने कांग्रेस के साथ गठजोड़ किया रियासत को मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह इत्तिफाक है कि जब भी दोनों दलों ने मिलकर सत्ता संभाली तो लोगों में लोकतंत्र और अवाम के बीच दूरियां बढ़ी और अवाम ने अपने को अलग थलग महसूस किया। पूर्व के तजुर्बे के मुताबिक इस दफा भी नेकां-कांग्रेस साझा सरकार के कार्यकाल के पिछले साढ़े पांच साल जनता के लिए परेशानियों भरे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान अराजकता का माहौल रहा और लोग अब बदलाव चाहते हैं। बदलाव लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिर्फ चुनाव ही हैं।
बतौर मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए मुफ्ती ने कहा कि पीडीपी सरकार ने जम्मू-कश्मीर तथा देश के अन्य भागों के लोगों के बीच विश्वास को बहाल कर आत्मविश्वास पैदा किया था। उन्होंने विरोधी दलों को चुनौती दी कि वह पीडीपी सरकार के कार्यकाल में किसी भी क्षेत्र या उप क्षेत्र के साथ हुए भेदभाव का मामला सामने लाएं। पीडीपी लोगों तथा क्षेत्रों के बीच नफरत की दीवारों को गिराने का काम करती है। मुफ्ती ने कहा कि पीडीपी कश्मीरी पंडितों की घाटी वापसी के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए शाम लाल सराफ, एमएन कौल, पीएन बजाज, कश्यप बंधु, डीपी धर, पीएल हांडू जैसे कश्मीरी पंडितों के योगदान का भी जिक्र किया।