जम्मू। सांबा क्षेत्र में सुरंग मिलने की सिलसिला जारी है। सीमावर्ती क्षेत्र में मौजूद भूगर्भ में किस जगह सुरंग हो सकती है, इसकी तलाश के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने जमीन का निरीक्षण कराने का फैसला किया है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ जुड़ी जमीन पर कच्ची सड़क की जमीन के अंदर तक अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की जाएगी। इसके लिए एक विशेष टीम जल्द ही सीमावर्ती क्षेत्रों में दौरा करने पहुंचेगी। सनद रहे पिछले साल अत्याधुनिक सुरंग ने सीमा की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगा दिया था।
इस साल भी सुरंग के अवशेष मिलने के कारण सुरक्षा एजेंसियों की नीदें उड़ गई हैं। बीएसएफ के आला अधिकारी भी मौके का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। जम्मू कश्मीर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा करीब 110 किमी लंबी है। सीमा पर मौजूद जमीन समतल है और काफी उपजाऊ है। जमीन की मिट्टी के अंदर सीमा पार से सुरंग तक बना दी गई और इसका पता सुरक्षा एजेंसियों को तब चला, जब एक किसान ने खेती के लिए ट्रैक्टर चलाया और जमीन धंस गई। सूत्रों के अनुसार पुरातत्व विज्ञान विभाग की लखनऊ शाखा से भी संपर्क किया गया है। जमीन का निरीक्षण करने के लिए बनाई जा रही टीम में पुुरातत्व विज्ञान विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। इन सुरंग का उपयोग घुुसपैठ, हथियारों और मादक पदार्थों की सप्लाई किए जाने की संभावनाएं जताई गई थी। हालांकि सीमा पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अत्याधुनिक उपकरणों से सीमा पर चौकसी बढ़ाई है, जिसके कारण घुुसपैठ की कोशिशें में भी कम हुई हैं।