हिज़बुल मुजाहिदीन 'कमांडर' बुरहान वानी की मुठभेड़ में हुई मौत को बुधवार को दो माह हो गए और उसके बाद कश्मीर में हिंसा का जो दौर शुरु हुआ है वो थमने का नाम नहीं ले रहा।
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अबतक 75 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और 10 हजार से ज्यादा लोग और सुरक्षा बलों के जवान घायल हुए हैं।
वीरवार को घाटी भर से कर्फ्यू और पाबंदियां हटा ली गईं हैं। हालांकि इसके बावजूद वीरवार को दक्षिण कश्मीर सहित कुछ अन्य इलाकों में हिंसक झड़पें हुईं। इनमें जवानों सहित 50 से अधिक लोग जख्मी हो गए। सुरक्षा बलों पर कई जगह उपद्रवियों ने जमकर पत्थरबाजी की।
स्कूल-कालेज, दुकानें सब कुछ दो महीने से बंद
kashmir
- फोटो : PTI
शोपियां के केलार गांव में हिंसा भड़काने के लिए रैली को नियंत्रित करने पहुंची सुरक्षा बलाें की टुकड़ी पर जमकर पथराव किया गया। हालात को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले और पेलेट गन का प्रयोग करना पड़ा। हिंसक झड़प में करीब 30 लोग घायल हो गए।
दक्षिण कश्मीर के ही पुलवामा जिले के त्राल इलाके में पत्थरबाजों की धरपकड़ के दौरान उपद्रव शुरू हो गया। घरों से निकले लोग एक जगह एकत्रित हुए और सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया। मीर मोहल्ला और बाटपोरा में झड़प के दौरान कई लोग घायल हुए।
पुलवामा जिले के बथनूर गांव में देश विरोधी नारेबाजी करती भीड़ ने रैली करनी चाही। सुरक्षा बलों ने हिंसा भड़काने की साजिश को नाकाम करते हुए रैली को तितर-बितर कर दिया।
गृहमंत्री तीन बार कर चुके घाटी का दौरा
राजनाथ सिंह और महबूबा मुफ्ती
- फोटो : ANI
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह श्रीनगर का तीन बार दौरा कर चुके हैं हालांकि उनके दौरों से नतीजे नहीं निकल सके। बल्कि सामाजिक संगठनों और यहां तक के व्यापार मंडल के लोगों तक ने उनसे मिलने से मना कर दिया।
भारतीय गृहमंत्री की अगुआई में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने इस हफ्ते श्रीनगर का दौरा किया और 300 से अधिक लोगों से मुलाक़ात की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल कुछ नेताओं ने निजी तौर पर अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं से मिलने की कोशिश की. लेकिन अधिकांश हुर्रियत नेताओं ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया।
कुछ दिनों तक हालात सामान्य होने की संभावना नहीं
श्रीनगर में हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : PTI
इस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राजनाथ सिंह के साथ दिल्ली में एक बार फिर बैठक की। इसमें तय किया गया कि कश्मीर पर बात तो होगी लेकिन संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में लिए गए फ़ैसलों का जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने स्वागत किया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे नीरस प्रयास बताया है।
कश्मीर के हालात पर बीबीसी उर्दू के हारून रशीद कहते हैं कि भारत और पाकिस्तान कश्मीर का राजनयिक फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल राहिल शरीफ़ ने दो दिनों पहले ही कश्मीर को जीने-मरने का सवाल बताया था। इस पर रशीद कहते हैं कि जनरल शरीफ़ का बयान कोई नया नहीं है. पाकिस्तान में दशकों से इस तरह की बात की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर को लेकर भारत-पाकिस्तान का रवैया अड़ियल है। कोई भी लचिला रुख नहीं अपना रहा है. इसे देखते हुए बात के आगे बढ़ने की कोई उम्मीद नज़र नहीं आ रही है।