कथाकार जयनंदन का यह उपन्यास एक दलित पात्र की जीवन-दशा और परिस्थितियों के बहाने उस सामाजिक वास्तविकता को उजागर करता है, जो असमानता पर आधारित है। इस उपन्यास का नायक लांछित और निरीह लोटन है, जो गांव में जमादार का काम करता है। गांव का चौधरी और मुंशी मिलकर उसके जीवन में मुश्किलें बढ़ाते रहते हैं। यह उपन्यास उस वास्तविकता को दिखाता है, जिसमें ऊंचे और नीच के विभाजन ने कुछ लोगों का सिर्फ शोषण किया है।
किताब- चौधराहट
लेखक- जयनंदन
प्रकाशक- सामयिक प्रकाशन, नई दिल्ली
मूल्य- 495 रुपये
मनोरंजन फ़ीचर पेज से साभार