दर्द यूँ ही सबको दिखाया नहीं करते,
हर रात को हर राज बताया नहीं करते।
तुम थे तुम हो बस एक तुम ही हो,
औरों पे अब भी वक़्त हम जाया नहीं करते।
सच है कि सन्नाटों में अक्सर डूब जाते हैं,
पर रकीब को हम पास बिठाया नहीं करते।
माना नहीं अच्छे मगर तुमसे नहीं हैं,
अपना जो करते हैं तो पराया नहीं करते।
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