आज हम तो खुशी के गीत गायेंगे,
चलो चलो मेरे दोस्तों।
आजादी का झंडा फहरायेंगे,
चलो चलो मेरे साथियों।
ये है तिरंगा शहीदों का अमानत-2
इसे हर दम सीने से लगायेंगे,
चलो चलो मेरे दोस्तों।
वीरों की शान को हम झुकने न देंगे-2
हम तो गोली सीने पे भी कयेंगे,
चलो चलो मेरे साथियों।
कोई आँख जो दिखाये बोस शेखर बनेंगे-2
दुश्मन को छक्के छुड़ायेंगे,
चलो चलो मेरे साथियों
वतन अभिमान है वतन स्वाभिमान-2
जान तक इसकी खातिर गँवायेंगे,
चलो चलो मेरे दोस्तों
आजादी का .............
अजीत कुमार
गुरारू, गया बिहार