गम दिल को देकर,
इतना इतराते हो क्यूं,
किसी की आंख में नमी देकर,
सोचते हो कुछ न हुआ ,
दुआ लौट कर आएगी ,
मुस्कुराते हो क्यूं।।
"Amarjit Kaur"
urf "Malika Singh"
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