तनहा तनहा ही रह कर अपनी रात गुजारा करते है
मजबूरी मैं खुद ही खुद के सपनों को मारा करते है
किसी शख्स को गर जबसे हमनें अपना मान लिया
फिर उसके लिए हम अपनी जान भी वारा करते है
बुरे वक्त के साथ ही मेरे अपने भी मुझको छोड़ गए
इसीलिए ए खुदा अब तेरा ही नाम पुकारा करते है
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