तुम्हें देखकर धड़कनें बढ़ जाती हैं,
तुम्हें देखकर सांसें थम जाती हैं,
तुमसे मिलकर बातें रुक जाती हैं,
तुमसे मिलकर पलकें झुक जाती हैं,
तुम्हें हर घड़ी महसूस करता हूं
बस तुम्हारी यादों में मशरूफ रहता हूं,
पता नहीं क्या हो गया है मुझको,
बस तुम्हीं को दिन रात याद करता हूं।।
अमित कुमार (सीतापुर)