कीचड़ में खिलता रहा, कमल आज तक मित्र,
मरुथल में भी खिल गया, मोदी कर्म विचित्र।
राष्ट्र धर्म विजयी हुआ, जाति पाति सब फेल,
उन्नति होवे देश की, महके गौरव इत्र।
कमल विष्णु का अंग है,माँ लक्ष्मी का प्यार।
कमल खिला फिर देश मे, जन जन प्रेम अपार।
चढ़े तुंग उन्नति शिखर, भारत देश महान।
आर्थिक उन्नति कर सुखी, जन जीवन इस बार।।
-आनंद कुमार मिश्र
9873309821
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