प्यार मोहब्बत इश्क़ जवानी,
पल दो पल की कहानी है,
मिट जानी ये हस्ती है,
मिट जानी ज़िन्दगानी है।
यादों के उजले दामन में,
पल दो पल की निशानी है,
ख़ूब सजाकर रखा जिसको,
हो जाती वही तस्वीर पुरानी है।
सागर से मिलकर नदिया भी,
पल दो पल की रूहानी है,
मिट्टी की रूह में उपजी ये,
मिट्टी में ही मिल जानी है।
जीवन की फसल ये बस,
पल दो पल उगानी है,
नेकी से सींचकर रखना इसको,
ख़ुशबू इसकी नई नस्लों में पहुॖँचानी है।
- अंजली सिंघल