शुद्ध पवन को आने दो
अशुद्ध पवन को जाने दो
एक पौधा प्यार का लगाने दो
ज्ञान की गंगा मुझे बहाने दो
साहस को जगाने दो
कायरता को भगाने दो
समाज को आगे बढ़ाने दो।
- सहज