सालों में खड़ा हुआ
ताड़-ताड़ खाकर फूला
भ्रष्ट टॉवर
सेकेंड्स में गिरा
वाह-वाह हुई
गिरने को मिली दाद
लेकिन किसने सोचा
वाह-वाह से पहले
क्या सच में गिर गया
भ्रष्ट टॉवर
नहीं-नहीं
अभी बाकी है
पानी की बर्बादी
पैसे की जालसाज़ी
साँसों की गति
जो दबी है
दो मंज़िला कब्रगाह में
टॉवर की
जिससे बनेगी
भ्रष्टता-दूषिता की
एक टनल भूमिगत
जो न दिखेगी
टॉवर की तरह खड़ी-तनी
नौ सेकेंड्स में गिरा टॉवर
खड़ा रहेगा अनिश्चित काल तक
यूँ ही
अजर-अटूट-अखंड
जब तक होगी
वाह-वाह
और मिलेगी दाद
बनती रहेगी भूमिगत टनल
~अंकुर 'तरंग'